हिसार। रोडवेज अधिकारियों की लापरवाही के कारण आज रोडवेज वर्कशॉप में 30 से 35 बसें धूल फांक रही हैं। हालात ये हैं कि किसी बस में सीट नहीं तो किसी में बैटरी तक नहीं हैं। वहीं, स्टाफ की कमी के कारण भी कुछ बसें नहीं दौड़ पा रही हैं। लंबे समय से वर्कशॉप में खड़ी इन बसों को आज तक अधिकारियों ने ठीक करवाने के लिए जहमत तक नहीं उठाई, जबकि रोजाना विद्यार्थियों की ओर से विभिन्न रूटों पर बसें चलाने की मांग आ रही हैं। कई बार बस चलाने को लेकर विद्यार्थी रोडवेज अधिकारियों से गुहार भी लगा चुके हैं। दरअसल, ये बसें कोरोना काल से पहले की चली हुई हैं, मगर इन बसों की कमियों को अभी तक ठीक नहीं करवाया गया है। ऐसे में कोरोना काल के बाद से इन बसों का कोई प्रयोग नहीं हो रहा है।
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चार रोडवेज बसें हुई थी एक्सीडेंट, एक को किया जा चुका ठीक -
वहीं, रोडवेज की चार बस एक्सीडेंट के बाद से वर्कशॉप में खड़ी की हुई थी। इनमें एक बस का जयपुर, एक दिल्ली, एक अंबाला और एक का बालसमंद में एक्सीडेंट हुआ था। चार में से एक बस को ठीक किया जा चुका है, जबकि तीन बसें ठीक होने की उम्मीद है।
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इतने हैं चालक, परिचालक और बसें
- कुल बसें- 174
- चल रही: 135
- कुल चालक: 173
- डयूटी पर: 115
- कुल परिचालक: 212
- डयूटी पर: 135
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कोट -
वर्कशॉप में खड़ी बसों को चेक करवाया जाएगा कि किन-किन बसों में सीट और बैटरी नहीं है। यदि ऐसा हुआ तो संबंधित अधिकारी से जबाव मांगा जाएगा और एक्शन लिया जाएगा। हमारे पास जहां-जहां बसें चलाने की मांग आ रही हैं, उन रूटों पर बसें चलाई जा रही हैं।
- राहुल मित्तल, महाप्रबंधक, हिसार डिपो।