पहाड़ी क्षेत्रों में हुई बर्फबारी का असर शहर में दिखाई दिया। शहर दिन भर घने कोहरे के आगोश में रहा और सूरज के दर्शन नहीं हुए। कोहरा और शीतलहर के कारण एक ही दिन में अधिकतम तापमान में नौ डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई। शहर का तापमान रविवार को 16.2 डिग्री सेल्सियस रहा। शीत लहर चलने से तापमान में शनिवार की बजाए रविवार को भारी गिरावट दर्ज की गई। अधिकतम तापमान शनिवार को 25.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था यानी रविवार को तापमान में अचानक 9.2 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई। न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस रहा। अचानक सर्दी बढ़ने से दिन में लोगों की कंपकंपी छूट गई। छुट्टी का दिन होने के कारण लोगों ने घरों में रहना पसंद किया।
जम्मू, हिमाचल में बर्फबारी और बारिश का असर
एचएयू के मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के कारण जम्मू कश्मीर व हिमाचल प्रदेश में बर्फबारी व बारिश होने से हरियाणा में शीत लहरें चलीं, जिसके कारण तापमान में अचानक गिरावट आई है। पश्चिमी विक्षोभ के आंशिक प्रभाव के कारण पूर्वी हरियाणा में रात व सोमवार को कहीं कहीं छिटपुट बूंदाबांदी होने की संभावना जताई जा रही है। बाकी हरियाणा में मौसम परिवर्तनशील व आंशिक बादल तथा खुश्क रहने की संभावना है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि 30 दिसंबर तक मौसम परिवर्तनशील रहेगा। इस दौरान मध्यम से गहरी धुंध छाने व तापमान में गिरावट आने की संभावना है।
फसलों को होगा फायदा
मौसम में आए बदलाव से जिले के किसानों को फायदा होगा। थोड़ी सी बारिश भी फसल के लिए बहुत कारगर साबित होगी। बारिश हुई तो गेहूं के लिए सोने पर सुहागा होगा। सरसों के लिए भी यह मौसम बेहद अच्छा है। पाला पड़ने से सरसों के नुकसान की संभावना थी। लेकिन अब वह खत्म हो गई है। इस समय तक दाना भर जाता है। वहीं बारिश के होने से जिले के बिरानी एरिया में भी पानी की पूर्ति होगी, जिससे फसल को फायदा होगा। कृषि विशेषज्ञ डॉ. प्रवीण मंडल के अनुसार थोड़ी सी बारिश भी गेहूं की बढ़वार में फायदेमंद साबित होगी।
2 लाख 25 हजार हेक्टेयर में है गेहूं
जिले में करीब 2 लाख 25 हजार हेक्टेयर में गेहूं की बिजाई हुई है। वहीं सरसों की बिजाई 73 हजार हेक्टेयर पर हुई थी। चने का लक्ष्य 15 हजार हेक्टेयर रखा गया था लेकिन इस बार बिजाई 10 हजार हेक्टेयर के करीब हुई है।
आंकड़ों पर नजर
दस साल में 2013 की 29 तारीख सबसे ठंडी
पिछले दस साल की बात करें तो दिसंबर में 2013 में सबसे कम तापमान रिकॉर्ड किया गया। 29 दिसंबर 2013 को -0.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। 25 दिसंबर 2011 को न्यूनतम तापमान शून्य रिकॉर्ड किया गया। 23 दिसंबर 2012 को न्यूनतम तापमान 1.8 डिग्री था।
धुंध के कारण बसें, ट्रेनें देरी से चलीं
शहर में क्रिसमस के दिन बढ़ी धुंध के कारण बसें व ट्रेनें अपने तय समय से काफी देरी से चलीं। सुबह के समय से ही बहुत अधिक धुंध के कारण यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ी। गोरखधाम एक्सप्रेस 2 घंटे 50 मिनट की देरी से पहुंची। वहीं बस अड्डे पर करीब सभी रूटों की बसें देरी से रवाना हुईं। हिसार से चंडीगढ़, दिल्ली, गुरुग्राम, यमुनानगर, पोंटा साहिब, रोहतक, सिरसा, डबवाली आदि लंबे रूटों के साथ लोकल रूटों की गाड़ियों भी धुंध के कारण अपने गंतव्य स्थानों पर देरी से पहुंचीं।
बसें, ट्रेनें धीमी रफ्तार से चलाने के आदेश जारी
रोडवेज व रेलवे अधिकारियों ने बसों व ट्रेनों को धुंध के समय हादसों से बचाव के लिए धीमी रफ्तार से चलाने के आदेश दिए हैं। बस ड्राइवरों को जहां सुविधानुसार बस की रफ्तार रखने के आदेश दिए गए है साथ ही हेडलाइटों का प्रयोग करने के लिए भी कहा गया है।
धुंध के समय हादसों से बचाव के लिए ड्राइवरों को आदेश दिए गए है कि बसों की रफ्तार धीमी रखें। तथा बसों की हेडलाइट जलाकर सफर करें।
- खूूबीराम कौशल, जीएम रोडेवज, हिसार