हिसार। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुनील जिंदल की फास्ट ट्रैक कोर्ट ने नाबालिग बहन के साथ दुष्कर्म कर उसे गर्भवती करने के मामले में दोषी भाई को 20 साल की सजा सुनाई है। दोषी पर 1 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। 17 साल की पीड़िता की शिकायत पर सिविल लाइन थाना पुलिस ने दिसंबर 2021 को केस दर्ज किया था।
पुलिस को दिसंबर 2021 में दी शिकायत पीड़िता ने बताया था कि उसके पिता की बीमारी से 6 साल पहले मृत्यु हो गई थी। मां के काम पर जाने के बाद करीब एक साल से भाई उसके साथ छेड़छाड़ करता था। करीब छह माह पहले भाई ने मां के काम पर जाने के बाद उसके साथ जबरन दुष्कर्म किया था। वह किसी को कुछ भी बताने पर मारने की धमकी देता था। ऐसे में शर्म व डर की वजह से चुप रहती थी।
पीड़िता ने बताया कि वह अक्सर अपनी मां को रात को बाहर शादियों में खाना बनाने के लिए जाने से रोकती थी। आय का साधन न होने के चलते मां मजदूरी करने के लिए चली जाती थी। इसके बाद रात को भाई उससे दुष्कर्म करता था। पीड़िता ने कहा कि इस दौरान वह गर्भवती हो गई थी। उसके पेट में लगातार दर्द रहने पर जब उसने अपनी मां को बताया तो उसकी मां जांच के लिए अस्पताल लेकर गई। सरकारी अस्पताल में जांच के बाद डॉक्टर ने उसे छह माह की गर्भवती बताया। इसके बाद आरोपी के खिलाफ शिकायत दी गई थी।