हिसार। मिल गेट रोड स्थित नई फल एवं सब्जी मंडी में चार बड़े शेड बने होने के बावजूद कई फड़ खाली पड़े हैं। अधिकांश फल-सब्जी विक्रेता खुले आसमान के नीचे सड़क किनारे फड़ और ठेले लगाकर रोजी-रोटी चला रहे हैं। विक्रेताओं की मांग है कि सड़क किनारे छोटे शेड उपलब्ध कराए जाएं जबकि मंडी प्रशासन का कहना है कि पुराने शेड में ही फड़ आवंटित करने की व्यवस्था है।
मंडी में 380 से अधिक आढ़तियों को पक्की दुकानें आवंटित हैं। इनमें कई दुकानें एक मंजिला और कुछ दोमंजिला हैं। आढ़ती थोक व खुदरा कारोबार करते हैं और किसानों की उपज खरीदकर मंडी शुल्क भी जमा करते हैं।
मंडी परिसर में 300 से अधिक मासाखोर फल-सब्जी का कारोबार करते हैं। इनके लिए चार बड़े शेड बनाए गए हैं। शेड नंबर-1 में 125 से अधिक फड़ लगाने की व्यवस्था है। इसके बावजूद बड़ी संख्या में फड़-ठेला कारोबारी हाथठेलियों पर सड़क किनारे फल-सब्जियां बेच रहे हैं।
विक्रेताओं ने बताया कि उन्हें नगर निगम के वेंडिंग जोन या पीएम स्वनिधि योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। शेड की सुविधा नहीं होने के कारण गर्मी, सर्दी और बारिश में खुले में कारोबार करना पड़ता है।
शेड तक नहीं जाते अधिकतर ग्राहक
नई सब्जी मंडी में गेट नंबर-1 से मंडी तक 125 से अधिक रेहड़ियां लगी हैं। मार्केट कमेटी इन्हें हटाकर विक्रेताओं को शेड के नीचे जगह देने की तैयारी कर रही है। रेहड़ी संचालकों का कहना है कि अधिकतर ग्राहक पैदल या बाइक से आते हैं और शेड तक जाने के बजाय गेट के आसपास से ही खरीदारी कर लौट जाते हैं।
फुटकर फल विक्रेताओं को सड़क किनारे ही फड़ आवंटित किए जाने चाहिए। इनके ऊपर छोटे शेड बनाए जाने चाहिए ताकि वह धूप और बारिश से बच सकें। इससे उनका कारोबार में भी वृद्धि होगी। - कुलदीप सैनी, मिल गेट।
हम लंबे समय से शेड जैसी स्थायी जगह की मांग कर रहे हैं। यह मांग पूरी करने की बजाय कई बार उन्हें सड़क किनारे हटाया जाता है। हम शाम को अक्सर रोडवेज बस अड्डे के पास चले जाते हैं। - रामबाबू, बड़वाली ढाणी
मैं रोज 1,000 रुपये से अधिक के फल खरीदकर उन्हें बेचती हूं। इससे मिलने वाली आय से ही घर-परिवार चलाते हैं। इसके बावजूद हमें कारोबारी सहूलियत के लिए विभागों की ओर से कोई सुविधा नहीं जा रही है। - सुनीता, 12 क्वार्टर
मंडी नई फल, सब्जी मंडी में गेट के पास ठेले पर फल बेचती हूं। इसके बावजूद मार्केट कमेटी और नगर निगम समेत कई विभागों के कार्मिक हटाओ, बचाओ कहते रहते हैं। इससे कारोबार में असुरक्षा की भावना रहती है। - जमना, क्रांतिनगर
मंडी में कारोबारियों को दुकान और फड़ आवंटित किए गए हैं। उन्हें निर्धारित स्थल पर ही कारोबार करना चाहिए। रेहड़ी लगाने वाले फल विक्रेताओं को सुधारीकरण कार्य के बाद फड़ आवंटित किए जाएंगे। भारत शर्मा, सचिव, मार्केट कमेटी।