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शर्म करो, प्रोबेशन पीरियड में नो फिट फार सर्विस लिख दिया तो दोबारा सरकारी नौकरी नहीं मिलेगी : निगमायुक्त

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हिसार नगर निगम की बैठक में कमिश्नर प्रदीप दहिया कर व तहबाजारी सब कमेटी की बैठक को संबोधित करते हु? - फोटो : Hisar
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हिसार। नगर निगम में बुधवार को विभिन्न कर, शुल्क एवं तहबाजारी सब कमेटी की बैठक हुई। इसमें गृहकर शाखा में लंबित पड़ी फाइलों का मुद्दा उठाया, जिसका ठीकरा क्लर्कों के सिर फूटा। पार्षद उमेद खन्ना ने कहा कि शाखा के क्लर्क अपने चहेतों का काम पहले करते हैं। इस पर निगमायुक्त ने कहा कि शर्म करो, तुम सब प्रोबेशन पीरियड में हो। नो फिट फार सर्विस लिख दिया तो दोबारा सरकारी नौकरी नहीं मिलेगी। यह अंतिम मौका है। मेरे पास एक और विकल्प है, तुमसे चार्ज छीनने का, यह और भी खतरनाक है।
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बैठक में याशी कंपनी के प्रतिनिधि से भी संपत्तियों के एकीकरण, गृहकर के बिल बांटने व घरों पर नंबर लिखने को लेकर जवाब मांगा गया। इस पर प्रतिनिधि ने कहा कि इसे लेकर उन्हें कोई निर्देश नहीं मिले हैं। डीएमसी विरेंद्र सहारण ने गृहकर शाखा की लंबित फाइलों की रिपोर्ट प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि 16 नवंबर तक गृहकर शाखा में नाम, एरिया व कर में परिवर्तन और कैटेगरी में संशोधन संबंधी कुल 1567 फाइलें लगी हैं। इनमें से लेवल एक पर 1393 फाइल आरटीएस की समयसीमा के अंदर व 94 फाइल आरटीएस की समय सीमा के बाहर की हैं। इसके अलावा लेवल दो पर 44 फाइल आरटीएस की समयसीमा के अंदर व 36 फाइल आरटीएस की समयसीमा के बाहर की हैं। इसके साथ ही लंबित फाइलों का मुद्दा गर्मा गया।
निगमायुक्त ने डीएमसी व सचिव से पूछा कि मुझे बताओ कि इसमें मेरे लेवल पर कितनी फाइलें लंबित हैं और आपके लेवल पर कितनी। क्योंकि मैं अपने स्तर पर फाइलों को कभी लंबित नहीं रखता। इस पर डीएमसी ने कहा कि ये आंकड़ा अभी उनके पास नहीं है। निगमायुक्त ने कहा कि यह आंकड़ा बैठक में प्रस्तुत किया जाए। कमेटी चेयरमैन प्रीतम सैनी ने कहा कि क्लर्क के लेवल पर फाइलों की नोटिंग जल्दी नहीं होती, जिस कारण फाइलें नहीं निकलती। कल मैंने सचिव से एक जानकार की फाइल निकलवाने को कहा था, लेकिन सचिव के आदेश के बाद भी क्लर्क ने फाइल नहीं निकाली।
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गृहकर संबंधी पूछताछ के लिए बनेगा हेल्प डेस्क
निगमायुक्त ने सचिव नवीन से क्लर्कों की संख्या व उनकी ड्यूटी पूछी। सचिव ने बताया कि शाखा में 7 क्लर्क हैं। क्लर्कों ने बताया कि शाखा में प्रतिदिन करीब 120 नई फाइलें लगती हैं, जिनमें से उसी दिन 70 फाइलों का ही निपटान हो पाता है। शाखा में प्रतिदिन पूछताछ करने के लिए भी लोग आते हैं। निगमायुक्त ने कहा कि पूछताछ को लेकर एक अलग से हेल्प डेस्क बनाया जाए, जिस पर एक महिला व एक पुरुष कर्मचारी तैनात किए जाए ताकि क्लर्कों के काम प्रभावित न हो और ज्यादा फाइलों का निपटान हो सके। कमेटी चेयरमैन प्रीतम सैनी व भूप सिंह रोहिला ने कहा कि एक बार शाखा में कर्मचारियों की संख्या बढ़ाकर सभी फाइलों का निपटान करवाया जाए और उसके बाद प्रत्येक क्लर्क की जिम्मेदारी तय की जाए।
गृहकर के बिल बंटने पर हो सकता है हंगामा
बैठक में याशी कंपनी के सर्वे का मामला गूंजा। भूप सिंह रोहिला ने कहा कि याशी कंपनी ने करीब 35 हजार संपत्तियों का एकीकरण नहीं किया। डीएमसी ने कहा कि निगम ने सर्वे के बाद 11767 संपत्तियों का डाटा दुरुस्त किया, लेकिन कंपनी ने इसे नहीं लिया। इस पर निगमायुक्त ने कंपनी के सुपरवाइजर जितेंद्र को बैठक में बुलाया। सुपरवाइजर ने कहा कि उन्हें इस बारे में कोई निर्देश नहीं मिले हैं। इस पर निगमायुक्त ने कहा कि आप अपने तकनीकी इंजीनियर से पूछकर इसका समाधान बता कर दो। सुपरवाइजर से गृहकर बिल बांटने व घरों पर नंबर लिखने बारे में पूछा गया कि उसने कहा कि उसे इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। प्रीतम सैनी ने कहा कि अभी तो सिर्फ निगम में वो लोग आ रहे हैं, जिन्हें प्रॉपर्टी बेचनी है। मगर जब बिल वितरित होंगे तब लोगों को पता चलेगा कि उनके गृहकर में भी गड़बड़ी है। इससे हंगामा होना तय है।
सब कमेटी के ये सदस्य रहे अनुपस्थित
वार्ड 1 से 10 की सब कमेटी के सदस्य सीनियर डिप्टी मेयर अनिल सैनी, ज्योति महाजन गैर हाजिर रहे। वहीं वार्ड 11 से 20 की सब कमेटी के वाइस चेयरमैन विनोद ढांडा, पार्षद सरोज सैनी अनुपस्थित रहे।
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