निचली अदालत द्वारा पर्स छीनने के मामले में दोषी दिए गए भिवानी जिले के धर्मेंद्र की याचिका को जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने खारिज कर दिया है। अदालत ने धर्मेंद्र को सुनाई एक साल की सजा को बरकरार रखा है। जेएमआईसी की अदालत द्वारा धर्मेंद्र को दोषी करार दिया गया था। इस मामले में 12 जुलाई 2017 को सेक्टर-13 निवासी नीलम ने सिविल लाइन पुलिस थाना में शिकायत दी थी।
पुलिस को दी शिकायत में नीलम ने बताया कि वह कैमरी गांव के कन्या हाई स्कूल में शिक्षक के पद पर तैनात है। घटना वाले दिन वह उसके पड़ोस में रहने वाली महिला ललित के साथ डाबड़ा चौक की तरफ गई थी। जब वे दोनों वहां से पैदल ही घर की तरफ आ रही थीं तो रास्ते में पीछे से एक युवक बाइक पर आया और झपटा मारकर उसके हाथ से पर्स छीनकर फरार हो गया। शिकायत में उसने बताया था कि उसके पर्स में 18 हजार रुपये नकद, एक मोबाइल फोन, व अन्य सामान था। बाद में पुलिस ने पर्स छीनने के मामले में भिवानी जिले के बागनवाला के धर्मेंद्र को गिरफ्तार किया था। जेएमआईसी की अदालत द्वारा धर्मेंद्र को एक साल की सजा सुनाई तो उसने सेशन कोर्ट में सजा खारिज करने की अपील की थी। इस पर अरुण कुमार सिंघल की अदालत ने सोमवार को याचिका खारिज करते हुए निचली अदालत की सजा को बरकरार रखने का फैसला सुनाया।