हिसार। गांव चिड़ौद की रहने वाली सीमा सांगा ने 12 साल पहले आत्मरक्षा के लिए कराटे सीखना शुरू किया। धीरे-धीरे इस खेल में उनकी रुचि बढ़ी और उन्होंने कराटे को अपना कॅरिअर बना लिया। 2018 में खेल कोटे से सीमा की नियुक्ति असम राइफल्स में कांस्टेबल पद पर हुई। वर्ष 2020 में बहादुरगढ़ के गांव परनाला में सूरज राठी से विवाह के बाद उन पर घरेलू जिम्मेदारियां भी आ गईं, लेकिन उन्होंने कभी अपनी प्रैक्टिस नहीं छोड़ी। अब सीमा ने अमेरिका के बर्मिंघम में आयोजित वर्ल्ड पुलिस गेम्स में भारत का गौरव बढ़ाते हुए दो स्वर्ण पदक जीते हैं-एक टीम काता और दूसरा टीम कुमिते में।
सीमा और उनके पति सूरज राठी, दोनों नागालैंड के दीमापुर में असम राइफल्स में कांस्टेबल के पद पर कार्यरत हैं। सीमा की इस उपलब्धि ने न केवल उनके परिवार, बल्कि पूरे देश को गर्व से भर दिया है। दरअसल, 28 वर्षीय सीमा ने हिसार में सूरज कराटे प्लेनेट में कोच हरीश सिराधना के पास कराटे शुरू किया था। कई साल तक यहां प्रशिक्षण किया।
सीमा के पति सूरज राठी ने बताया कि 2024 में गुवाहटी में ऑल इंडिया पुलिस गेम्स हुए थे। इसमें सीमा ने स्वर्ण पदक हासिल किया और वर्ल्ड पुलिस गेम्स के लिए चयन हुआ। उसके बाद सीमा तैयारी में जुट गई। कड़ी मेहनत की और अब सीमा ने एक साथ दो स्वर्ण पदक जीत देश का नाम रोशन किया।
2015 में नेशनल चैंपियनशिप में जीता स्वर्ण तो एशियन चैंपियनशिप खेली सीमा
वर्ष 2015 में सीमा ने नेशनल चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता था। इसी आधार पर उसका कजागिस्तान में हुई एशियन चैंपियनशिप के लिए चयन हुआ। मगर वह पदक लेने से चूक गई। सीमा सांगा 2016, 2017 और 2018 में नेशनल चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक पर कब्जा कर चुकी हैं। वहीं, सीमा के पिता होशियार सिंह किसान हैं।
पति भी अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी, कॉमनवेल्थ चैंपियनशिप में जीत चुके स्वर्ण
सीमा के पति सूरज राठी भी अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी है। 2015 में उन्होंने कॉमनवेल्थ चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता था। तीन बार एशियन चैंपियनशिप खेल चुके हैं। नेशनल चैंपियनशिप में 3 स्वर्ण, 1 रजत और 2 कांस्य पदक जीत चुके हैं। सीमा के पति सूरज राठी बताते हैं कि उनकी और सीमा की खेल कोटे से एक साथ नौकरी लगी थी। आज दोनों एक ही पद पर कार्यरत हैं। सीमा अमेरिका से रविवार को रवाना होगी और 7 जुलाई को दिल्ली पहुंचेंगी। यहां कार्यक्रम में सीमा को सम्मानित किया जाएगा।