हिसार। सिविल सर्जन डॉ. सपना गहलावत ने बताया कि जुलाई माह को डेंगू रोधी माह के रूप में मनाया जाएगा। इसके तहत 202 स्वास्थ्य टीमों का गठन किया गया है, जो घर-घर जाकर मरीजों की पहचान करेंगी। इसके अलावा कूलर, टंकी, कंटेनर और छतों की जांच कर लारवा ढूंढ़ेंगी। बुखार से पीड़ित मरीजों की रक्त पट्टिका बनाई जाएगी और यदि कहीं लारवा पाया जाता है, तो चेतावनी नोटिस जारी किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि जिन घरों में दो या दो से ज्यादा बार मच्छरों का लारवा पाया जाएगा, उन घरों का चालान नगर निगम के माध्यम से किया जाएगा। शुक्रवार को जिला मलेरिया कार्यालय में सिविल सर्जन डॉ. सपना गहलावत की अध्यक्षता में मच्छरजनित बीमारियों को लेकर विशेष बैठक हुई। बैठक में जिले के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के स्वास्थ्य सुपरवाइजर पहुंचे।
उप सिविल सर्जन डॉ. सुभाष खतरेजा ने बताया कि जिले में 202 टीमों द्वारा रैपिड फीवर सर्वे का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने आमजन से अपील करते हुए कहा कि वे अपने घरों के आसपास सफाई रखें, रात के समय पूरी बाजू के कपड़े पहनें, और बुखार आने पर तुरंत रक्त की जांच करवाएं। साथ ही उन्होंने यह भी आग्रह किया कि लोग हर रविवार को ड्राई डे के रूप में मनाएं।
मलेरिया के पांच, डेंगू का एक केस मिला
मलेरिया विभाग में कार्यरत स्वास्थ्य कर्मचारी प्रदीप कुमार ने बताया कि 2025 में अब तक पांच मलेरिया के मामले और एक डेंगू का केस सामने आया है। लारवा मिलने पर अब तक 1410 घरों में चेतावनी नोटिस जारी किए जा चुके हैं। निगम और पंचायतों के सहयोग से फॉगिंग का कार्य किया जा रहा है और मलेरिया विभाग के पास फॉगिंग की दवाइयां उचित मात्रा में उपलब्ध हैं। इस मौके पर स्वास्थ्य सुपरवाइजर सुखबीर सिंह, नफे सिंह, जितेंद्र कुमार, अंग्रेज सिंह, जगदीप मान, बलवान सिंह, विनय मौजूद रहे।