अतिरिक्त जिला न्यायाधीश की अदालत ने एन्हांसमेंट केस में फैसला सुनाते हुए सेक्टर 16-17 व सेक्टर 13 पार्ट टू वासियों को बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (हुडा) को जनवरी 2012 में 613.70 रुपये प्रति स्क्वेयर मीटर की दर से भरवाए गए इन्हांसमेंट को गलत बताया है। कोर्ट ने वर्ष 2014 में किए गए कोर्ट के फैसले को सही ठहरा दिया है, जिसके तहत सेक्टरवासियों पर डाली गई करीब 100 करोड़ रुपये की इन्हांसमेंट असंवैधानिक करार दी गई थी। इस फैसले के बाद हुडा के लिए बड़ी परेशानी खड़ी हो गई है। हुडा को अब ये 100 करोड़ रुपये की इन्हांसमेंट राशि ब्याज सहित सेक्टरवासियों को वापस करनी होगी।
यह था मामला
सेक्टर निवासी दलबीर किरमारा, त्रिलोक बंसल, सुजान सिंह बैनीवाल व सूबे सिंह लाठर ने बताया कि हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (हुडा) ने जनवरी 2012 में 613 रुपये 70 पैसे प्रति स्क्वेयर मीटर की दर से सेक्टर 16-17 वासियों को इन्हांसमेंट भरने के नोटिस जारी किए थे। इसका विरोध करते हुए रेजीडेंट वेलफेयर एसोसिएशन व सेक्टरवासियों ने इन नोटिसों को गलत ठहराते हुए हुडा के मुख्य प्रशासक व संपदा अधिकारी से इन्हें तुरंत वापस लेने की मांग की थी। सेक्टरवासियों का कहना था कि हुडा ने इस एन्हांसमेंट राशि के साथ ब्याज व कॉमर्शियल साइट्स का पैसा भी जोड़ा गया है, जो कि गलत है। लेकिन हुडा द्वारा इस पर कोई सुनवाई नहीं करने पर सेक्टरवासियों ने अदालत का दरवाजा खटखटाया। स्थानीय दीवानी अदालत में 21 मार्च 2012 को एसोसिएशन के प्रधान दलबीर किरमारा, त्रिलोक बंसल, कर्मचंद, बिमला देवी, हितेष कुमार, राजेश कुमार जैन, अनिल जलंधरा व संतलाल सिंहमार ने हुडा के खिलाफ एक याचिका दायर की। दीवानी अदालत ने 21 अप्रैल 2014 को सेक्टरवासियों के हक में फैसला सुनाते हुए हुडा द्वारा जारी किए गए इन्हांसमेंट नोटिसों को गैर कानूनी मानते हुए नोटिसों को खारिज कर दिया था। उधर मामला फिर कोर्ट में चला गया। इस दौरान ब्याज की मार से डरते हुए लगभग सभी सेक्टरवासियों ने इन्हांसमेंट की राशि जमा करवा दी। यह राशि करोड़ों रुपये की थी।
हुडा की अपील की खारिज
वर्ष 2014 के फैसले के खिलाफ हुडा ने अतिरिक्त जिला सत्र न्यायाधीश की कोर्ट में अपील डाल दी। इस मामले में सोमवार को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश डीआर चालिया ने निचली अदालत के फैसले को सही ठहराते हुए हुडा विभाग की अपील को खारिज कर दिया। आरडब्ल्यूए व सेक्टरवासियों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता संजय गर्ग, कमल गुप्ता व अनिल कुमार जलंधरा एडवोकेट ने पैरवी की।
सेक्टरवासियों में खुशी
एडवोकेट अनिल जलांधरा ने बताया कि फैसले के बाद सेक्टरवासियों में खुशी का माहौल है। सेक्टरवासियों को डिटेल फैसला सुनाने के लिए रविवार 26 मार्च को मीटिंग बुलाई गई है। इस मामले की हाई कोर्ट में पैरवी को लेकर कैविट डाली जाएगी। मीटिंग में इस संबंध में भी चर्चा की जाएगी।
ये बना आधार
कोर्ट के समक्ष सेक्टरवासियों के एडवोकेट ने कहा कि हुडा ने जो केलकुलेशन सीट बनाई थी वो गलत थी। इस मामले में निचली अदालत ने भी सेक्टरवासियों के हक में फैसला सुनाया था।
तीसरी बार आई थी इन्हांसमेंट
सेक्टर 16-17 व सेक्टर 13 पार्ट टू 1997 में डेवलेप हुआ था। सेक्टरवासियों को पहली बार वर्ष 2000 में 226 रुपये प्रति स्क्वेयर मीटर के हिसाब से इन्हांसमेंट के नोटिस मिले। इसके बाद वर्ष 2004 में 37 रुपये प्रति स्क्वेयर मीटर के हिसाब से इन्हांसमेंट डाली गई थी। तीसरी बार 2012 में हुडा ने 613 रुपये 70 पैसे के हिसाब से इन्हांसमेंट नोटिस भेजे। पहले दो इन्हांसमेंट नोटिस मामला भी फिलहाल कोर्ट में चल रहा है, जिसका मंगलवार को फैसला आ सकता है। यह मामला हुडा वर्सिज वेलफेयर सोसायटी है।