हिसार। बाड़ोपट्टी टोल प्लाजा के शिफ्ट इंचार्ज संजय शुक्ला की हत्या के मामले में पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास तेज कर दिए हैं। मामले की जांच के लिए गठित टीमों ने वीरवार को बहबलपुर और सोनीपत सहित कई स्थानों पर दबिश दी। पुलिस सीसीटीवी फुटेज भी खंगाल रही है। एक संदिग्ध को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है, जिसके आधार पर छापेमारी की कार्रवाई की गई।
पुलिस प्रवक्ता मदन लाल ने बताया कि अभी तक किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है, लेकिन जल्द ही आरोपियों को पकड़ लिया जाएगा।पुलिस के अनुसार सोमवार रात एक स्कॉर्पियो में सवार चार युवक बाड़ोपट्टी टोल प्लाजा पहुंचे। टोल शुल्क 130 रुपये मांगने पर उन्होंने भुगतान से इनकार कर दिया और खुद को बहबलपुर का निवासी बताया। इस दौरान वाहन के दस्तावेज मांगने पर टोलकर्मियों और युवकों के बीच विवाद हो गया।
आरोपी पहले वाहन लेकर वहां से चले गए, लेकिन कुछ देर बाद तेज रफ्तार में लौटे और टोलकर्मियों पर वाहन चढ़ाने का प्रयास किया। इस दौरान कर्मियों ने एक युवक को पकड़ लिया। इसके बाद आरोपी पिस्तौल लहराते हुए वापस आए और अपने साथी को छुड़ाकर ले गए। पुलिस के अनुसार जब टोलकर्मियों ने उनका पीछा किया तो आरोपियों ने शिफ्ट इंचार्ज संजय शुक्ला के साथ मारपीट की और उन पर वाहन चढ़ा दिया। वारदात के बाद आरोपी हिसार की ओर फरार हो गए।
घटना के बाद सोशल मीडिया पर एक पोस्ट वायरल हुई थी, जिसमें लॉरेंस गैंग की ओर से संजय शुक्ला की हत्या की जिम्मेदारी लेने का दावा किया गया था। हालांकि पुलिस ने जांच के बाद इस पोस्ट को फर्जी करार दिया है।
टोलकर्मी संजय शुक्ल का गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार
कोरांव (प्रयागराज)। हिसार के बाड़ोपट्टी टोल प्लाजा पर कार से कुचलकर की गई हत्या के शिकार टोलकर्मी संजय शुक्ल (40) का शव वीारवार सुबह उनके पैतृक गांव दुघरा पहुंचा। शव पहुंचते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई। माता-पिता, पत्नी और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। संजय के पिता अवध नारायण शुक्ल बेटे के शव से लिपटकर बिलखते रहे। संजय अपने पीछे पत्नी सविता, पुत्र साहिल और पुत्री खुशबू को छोड़ गए हैं। दोपहर में सिरसा स्थित गंगा घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया गया। संवाद