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मुख्य अध्यापक को नहीं पता स्कूल में कितने बच्चे

Fri, 29 Nov 2013 07:01 PM IST
सिरसा/ब्यूरो
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गांव भीवां के राजकीय स्कूल में कितने बच्चे पढ़ते हैं, यह मुख्य अध्यापक को भी नहीं पता। यह बात तब उजागर हुई जब उपायुक्त डॉ. जे गणेसन स्कूल का दौरा करने पहुंचे। स्कूल की स्थिति से नाराज उपायुक्त ने जिला प्राथमिक शिक्षा अधिकारी सुरेश कुमार व खंड शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए कि वे एक सप्ताह के अंदर फिर से स्कूल का दौरा करें। उन्होंने मुख्याध्यापक के खिलाफ भी कार्रवाई करने के लिए कहा।
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उपायुक्त शुक्रवार को भीवां में आयोजित खुला दरबार में लोगाें की समस्याएं सुनने पहुंचे। खुले दरबार में बिजली, पानी, बीपीएल सूची और अन्य प्रकार की 115 शिकायतें दर्ज की गई जिनका मौके पर ही निपटारा किया गया। इस दौरान डॉ. गण्ेासन ने अधिकारियों के साथ स्कूल का दौरा किया और स्कूल में पेयजल, शौचालय व स्कूल परिसर में अव्यवस्था पर अंसतोष जाहिर किया।

स्कूल में पीने के पानी की टंकी, शौचालय जर्जर अवस्था में थे। स्कूल में लकड़ियों के ढेर लगे थे। उन्होंने जब मुख्य अध्यापक मथरा दास से छात्रों की संख्या के बारे में पूछा तो मुख्याध्यापक इसका जवाब नहीं दे पाए। उपायुक्त कक्षा में भी गए और बच्चों से बातचीत भी की। दसवीं कक्षा में कोई अध्यापक नहीं था।
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उन्होंने स्कूल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जाहिर करते हुए जिला प्राथमिक शिक्षा अधिकारी सुरेश कुमार व खंड शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए कि वे एक सप्ताह के अंदर फिर से दौरा करें। उन्होंने मुख्याध्यापक के खिलाफ भी कार्रवाई करने के लिए कहा। यह भी कहा कि स्कूल व्यवस्था के बारे में वे सचिव शिक्षा विभाग को भी लिखेंगे।


उपायुक्त ने कहा कि सरकार के निर्देशानुसार जिले के सभी गांवों में अनुसूचित जाति और पिछड़ा वर्ग की चौपालें बनाई जाएंगी। जिस किसी गांव में पहले से चौपाल है तो उनकी मरम्मत करवाई जाएगी।  उन्होंने सभी खंड विकास एवं पंचायत अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे प्रत्येक गांव का सर्वे कर रिपोर्ट तैयार करेंगे। इसके बाद पंचायती राज विभाग के कार्यकारी अभियंता द्वारा चौपालों पर होने वाले खर्च का एस्टीमेट तैयार किया जाएगा।


उन्होंने सभी विभाग अध्यक्ष अधिकारियों से कहा कि वे जिला स्तरीय खुला दरबार में खुद पहुंचे। प्रशासन द्वारा दरबार में न पहुंचने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। साथ ही इस बारे में सरकार को भी लिखा जाएगा। इस मौके पर एडीसी शिवप्रसाद शर्मा, उपमंडलाधिकारी संत लाल पचार और नगराधीश प्रेम चंद उपस्थित थे।
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