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संत रामपाल समर्थकों ने घेरा शहर, सात जगह जाम

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रोहतक के करौंथा कांड में आरोपी संत रामपाल के सोमवार को हिसार कोर्ट में वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये पेशी पर हजारों समर्थकों के साथ आने पर शहर में खूब परेशानी हुई। संत रामपाल के सैकड़ों की संख्या में काले कपड़े पहनकर आए अनुयायी ‘ब्लैक कमांडो’ की तरह कोर्ट परिसर में काबिज थे।
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 उनके समर्थकों ने कई वकीलों को भी कोर्ट परिसर में नहीं घुसने दिया। आरोप है कि वकीलों के साथ उन्होंने धक्कामुक्की भी की और दुर्व्यवहार करने पर उतर आए। रामपाल समर्थकों ने पुलिस तक को संत के पास नहीं फटकने दिया। पुलिस भी ‘ब्लैक कमांडो’ की मानव श्रृंखला के पीछे बेबस खड़ी तमाशा देखती रही। संत रामपाल के अनुयायी रविवार रविवार देर रात को ही शहर में आ गए। उन्होंने रात से ही राजगढ़ रोड का एक तरफ का रास्ता पूरी तरह से कब्जा लिया। संत रामपाल के आने से पहले व जाने तक करीब तीन घंटे तक पूरा शहर जाम रहा। अदालत की ओर से इस मामले में अगली सुनवाई 8 अगस्त को तय की गई है। सोमवार को हुए इस पूरे प्रकरण के दौरान शहर पुलिस पूरी तरह से विफल नजर आई। न तो वह कोर्ट परिसर की सुरक्षा व्यवस्था अपने हाथों में ले पाई और नही शहर को जाम से ही बचाया जा सका।

सोमवार सुबह करीब आठ बजे संत रामपाल के समर्थकों ने राजगढ़ रोड का एक तरफ का रास्ता फव्वारा चौक से लेकर कोर्ट कांप्लेक्स के सामने तक खाली करवा लिया। उन्होंने एक तरफ के रास्ते पर न तो किसी को जाने दिया न ही आने दिया।
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काले कपड़े पहने सिक्योरिटी के रूप में कोर्ट परिसर में सैकड़ों अनुयायियों ने एक-दूसरे का हाथ पकड़कर सुरक्षा का घेरा बना दिया। करीब 9 बजकर 54 मिनट पर संत रामपाल कोर्ट परिसर पहुंचे। लगभग एक घंटे तक वीडियो कांफ्रेंसिंग चली और उसके बाद 10 बजकर 46 मिनट पर वे कोर्ट से बाहर निकले।

वकील के साथ दुर्व्यवहार, पुलिस मौन
पेशी के दौरान संत के अनुयायियों ने वकीलों तक को कोर्ट के अंदर नहीं घुसने दिया। आरोप है कि वकील राजेंद्र पंघाल के साथ अनुयायियों ने दुर्व्यवहार भी किया। उन्होंने उन्हें कोर्ट में नहीं घुसने दिया। जब उन्होंने अपना परिचय दिया तो अनुयायियों ने उन्हें आई कार्ड दिखाने की बात कही। इस पर वकील व अनुयायियों की बहस हुई। पंघाल ने कहा कि मौके पर तैनात पुलिस बल ने अनुयायियों को समझाने की बजाय उन्हें ही शांत रहने की नसीहत दी।

समर्थकों ने तीन घंटे थामा शहर
संत रामपाल 12 जुलाई 2006 के करौंथा आश्रम में हिंसा के मामले में हिसार कोर्ट में पेशी पर आए थे। रविवार को उनकी रोहतक कोर्ट में वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से हिसार कोर्ट से पेशी थी। कोर्ट नंबर एक में उनकी पेशी की सूचना पर दो दिन पहले ही संत के अनुयायी हिसार पहुंचना शुरू हो गए। सुबह आठ बजे अनुयायियों ने एक रोड पर पूरी तरह से कब्जा कर लिया। करीब 11 बजे तक एकदम यही स्थिति रही।

वाहन कैमरी रोड पर हुए डायवर्ट
राजगढ़ रोड वन वे होने के चलते लघु सचिवालय से लेकर बस स्टैंड तक पूरी भीड़ रही। आजाद नगर नहर के साथ वाले रोड से वाहनों को कैमरी रोड होते हुए डायवर्ट किया गया, जिससे आम लोगों को भारी परेशानी हुई।

छावनी बनी कोर्ट फिर भी बेबस दिखी पुलिस
कोर्ट परिसर पूरी तरह से छावनी में तबदील हो गया। सुबह से ही भारी पुलिस बल कोर्ट परिसर और रोड पर तैनात कर दिया गया। हालांकि पुलिस से कई गुणा अधिक संत के अनुयायी थे, जबकि पुलिस काफी कम थी और वह बेबस सी नजर आई।

कोर्ट परिसर में धारा 144 की अवहेलना
जिला प्रशासन की तरफ से पुलिस फोर्स तैनात की गई थी। इसके अलावा पुलिस अधीक्षक और एसडीएम भी थे। कोर्ट परिसर में धारा 144 की अवहेलना हुई। अनुयायी जिस कोर्ट में संत की पेशी थी उसके बिल्कुल करीब थे। पेशी के बाद अनुयायियों ने परिसर में नारेबाजी भी की। झंडे लेकर पहुंचे अनुयायियों ने संत रामपाल के समर्थन में नारे लगाए।

सात जगह जाम नहीं दिखी कहीं भी यातायात पुलिस
शहर में संत रामपाल के अनुयायियों ने फव्वारा चौक से लेकर कोर्ट कांप्लेक्स तक सात जगह पर जाम लगाया हुआ था। पहला फव्वारा चौक पर उसके बाद जवाहर नगर को जाने वाले मोड़ पर, फिर एचएयू के चार नंबर गेट पर, सपरा अस्पताल को जाने वाले मोड़ पर, सेक्टर-15 को जाने वाले मोड़ पर, कोर्ट परिसर के चौराहे, पूर्व मुख्यमंत्री भजनलाल के आवास को जाने वाले मोड़ पर तथा लघु सचिवालय चौराहे पर अनुयायियों की भीड़ थी। हैरानी की बात यह है कि कहीं भी यातायात पुलिस तैनात नहीं दिखी। लोग अपनी मर्जी से इधर उधर कर अपने वाहन निकालने की कोशिश कर रहे थे और जाम बढ़ता जा रहा था।

पूरी तरह से विफल रहा प्रशासन
जिला प्रशासन संत रामपाल के अनुयायियों के भारी संख्या में जुटने को लेकर पूरी तरह से विफल रहा। बड़ी संख्या में समर्थक रविवार रात को ही आ गए थे। इसके बाद भी प्रशासन की ओर से तैयारियां अधूरी दिखी। संत रामपाल समर्थकों ने अदालत परिसर के पास मानव श्रृंखला तैयार कर रखी थी, जिसे हटाने में पुलिस भी नाकाम रही। पुलिस खुद इनके पीछे की लाइनों में खड़ी नजर आई।  

न्यायपालिका पर रिश्वत का आरोप लगा बांटे पर्चे
संत के अनुयायियों ने आने जाने वाले लोगों को गुलाबी व पीले रंग के पर्चे भी बांटे। इसमें भ्रष्टाचार चर्म सीमा पर होने की बात लिखी गई है। पर्चे में न्यायपालिका पर उनके मामले में रिश्वत मांगने का आरोप लगाया गया है।

वर्जन
संत के अनुयायियों ने वकीलों के साथ बदतमीजी की है। उन्होंने वकीलों को भी कोर्ट में एंट्री नहीं करने दी। इस मामले की शिकायत उन्होंने चीफ जस्टिस को भी भेजी है। बार एसोसिएशन इस मामले की निंदा करती है और जब तक संत रामपाल की जमानत रद नहीं की जाती वकील अनिश्चितकालीन हड़ताल पर रहेंगे  
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- सुरेंद्र ढुल, प्रधान, बार एसोसिएशन, हिसार
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