हिसार कोर्ट में सोमवार को वीडियों कांफ्रेंसिंग के जरिए पेशी पर आए संत रामपाल के समर्थकों की ओर से कोर्ट के अधिवक्ताओं के साथ किए गए दुर्व्यवहार से नाराज अधिवक्ताओं ने मंगलवार को कोर्ट में वर्क सस्पेंड रखा। अधिवक्ताओं की ओर से कोर्ट में अनिश्चितकालीन हड़ताल की घोषणा से कोर्ट में न्याय की गुहार लेकर आने वाले लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
न्याय की आस में दूर दराज से आए लोगों को निराश होकर ही वापस जाना पड़ा। हालांकि सैकड़ों अधिवक्ता मंगलवार को कोर्ट में आए तो सही, लेकिन कोई भी अधिवक्ता किसी मामले में कोर्ट में पेश नहीं हुआ। अधिवक्ताओं ने मंगलवार को एक भी केस में दलील नहीं दी और न ही कोर्ट में पेश हुए।
बार एसोसिएशन के सचिव अमित सैनी ने बताया कि संत रामपाल के समर्थकों की ओर से वकीलों के साथ किए गए गलत व्यवहार से वकीलों में काफी रोष है। सैनी ने बताया कि संत रामपाल की बेल रद होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि हुड़दंगी व्यक्तियों की जगह जेल में ही है। ऐसे व्यक्ति अगर बाहर समाज में रहते हैं तो कभी भी सांप्रदायिक दंगे फैला सकते हैं। ऐसे व्यक्ति अगर जेल में रहेंगे तो माहौल शांतिप्रिय रहेगा।
जिले भर के विभिन्न मामलों की सुनवाई के लिए और कोर्ट के विभिन्न कार्यों के लिए करीब पांच हजार लोग प्रतिदिन कोर्ट में आते हैं। कोर्ट में हड़ताल के कारण करीब पांच हजार लोगों का नुकसान हुआ है। मंगलवार को न तो कोर्ट में कोई केस की सुनवाई नहीं हुई और न ही वकीलों की ओर से कोई एफिडेविट, नोटरी और स्टांप का काम किया। बार कांपलेक्स में अलग-अलग कोर्ट में प्रतिदिन करीब 200 केसों की सुनवाई होती हैं। अपने मुकदमों की खातिर कोर्ट में आने वाले ये लोग भी मंगलवार को निराश ही लौटे।
कोर्ट में अधिवक्ताओं की ओर से की गई अनिश्चितकालीन हड़ताल के कारण कोर्ट में प्रेक्टिस कर रहे करीब 1700 अधिवक्ताओं के सामने भी परेशानी खड़ी हो गई है। इनमें से कई अधिवक्ता तो ऐसे हैं, जो सिर्फ वकालत पर भी निर्भर हैं। अगर कोर्ट नहीं चलेगी तो उनके सामने घर चलाने की दिक्कतें आ सकती हैं।