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पेंशन बंद होने के डर व सत्यता जांचने के लिए पहले बुजुर्गों को लगवा रहे टीका

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चेतन वर्मा
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हिसार। पेंशन बंद होने का डर व टीके की सत्यता जांचने के लिए परिवार के सदस्य पहले बुजुर्गों को कोरोना से बचाव का टीका लगवा रहे हैं।
इतना ही नहीं, 60 से अधिक आयु वर्ग और उनसे कम आयु वर्ग के लोगों में कई प्रकार की भ्रांतियां देखने को मिल रही हैं। 60 साल से अधिक आयु वर्ग के लोग पुराने जमाने के भोजन में रोग प्रतिरोधी क्षमता ज्यादा होने की बात कहकर टीके से बचने का प्रयास कर रहे हैं तो दूसरी ओर युवा पीढ़ी कोरोना टीके की सत्यता जांचने के लिए पहले परिवार के बुजुर्गों को ही वैक्सीन लगवा रही है। इस बात का खुलासा सरकार के एक सर्वे में हुआ है, जिसमें 14 गांवों में जाकर महिला स्वयं सहायता समूह ने कोरोना वैक्सीन संबंधित भ्रम को लेकर विशेष रिपोर्ट बनाई है, जो 15 जून को सरकार को सौंपी जाएगी।
इन 14 गांवों का हुआ सर्वे
मई में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से संबंधित महिला स्वयं सहायता समूहों ने कोरोना वैक्सीन संबंधित भ्रम को जानने के लिए 14 गांवों का सर्वे किया, जिसमें शाहपुर-बालसमंद, लांधडी-जाखोद खेड़ा, भैणी बादशाहपुर- आर्य नगर, पेटवाड़-पाली, कुंभा-मसूदपुर, नंगथला-कनोह, शंकरपुरा-मुगलपुरा, टोकस-पातन, नियाणा, गंगवा, लुहारी राघो, मदनहेड़ी-सिंघवा-खास, चूली कलां-खुर्द व सिंघराण-देवां गांव शामिल हैं।
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ये मिलीं भ्रांतियां
- कोरोना वैक्सीन लगने के बाद पुरानी बीमारियां ज्यादा बढ़ जाती हैं।
- खेेतों में फावड़े व कस्सी चलाने वालों को वैक्सीन की जरूरत नहीं है।
- वैक्सीन लगवाने के तीन दिन के अंदर सदस्य की मौत हो जाती है।
- सैनिटाइजर से त्वचा व मास्क से सांस से संबंधित रोगों का पनपना।
- 60 साल से अधिक उम्र के लोगों ने पुराने जमाने के भोजन खाने की बात कहकर वैक्सीन नहीं लगवाने की बात कही।
रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए बुजुर्गों व युवा पीढ़ी के अलग-अलग तर्क
सर्वे रिपोर्ट में रोग प्रतिरोधी क्षमता बढ़ाने को लेकर भी बुजुर्गों व युवा पीढ़ी के अलग-अलग तर्क हैं। बुजुर्ग पुराने जमाने का खाने की बात कहकर रोग प्रतिरोधक क्षमता बरकार रहने की बात कह रहे हैं तो दूसरी ओर युवा पीढ़ी फल मंहगे होने की बातकर रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने की असमर्थता जता रहा है।
स्वयं सहायता समूहों में महिलाओं की संख्या
ब्लॉक महिलाएं
आदमपुर 1600
अग्रोहा 1615
बरवाला 2200
हांसी प्रथम 1909
हांसी द्वितीय 1598
हिसार प्रथम 3747
हिसार द्वितीय 3483
नारनौंद 3839
उकलाना 1003
14 गांवों को किया सर्वे
15 जून को सर्वे की रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को सौंपी जाएगी। 14 गांवों का सर्वे किया गया है, जिसमें कोरोना वैक्सीन को लेकर कई भ्रांतियां मिली हैं।
- विरेंद्र कुमार, जिला कार्यक्रम प्रबंधक, ग्रामीण आजीविका मिशन, हिसार।
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