डीसी मैडम! बालकां कै स्कूलां तै नाम तो कटा दिए, इब कड़ै पढ़न भेजां
नियम 134ए : निजी स्कूल संचालकों के दाखिले से इनकार करने पर अभिभावकों ने डीसी और डीईओ का किया घेराव
- डीसी की सलाह : जिस स्कूल से बच्चों का नाम कटवा है, वहां एसएलसी लेकर जाएं और दाखिला करवा दें
हिसार। डीसी मैडम! बालकां कै स्कूलां तै नाम तो कटा दिए, इब कड़ै पढ़न भेजां। यह बात मंगलवार को लघु सचिवालय पहुंचे अभिभावकों ने उपायुक्त डॉ. प्रियंका सोनी से कही। नियम 134ए के तहत निजी स्कूल संचालकों ने दाखिला देने से इनकार करने पर करीब 200 अभिभावक विरोध करने उपायुक्त कार्यालय पहुंचे। इस दौरान अभिभावकों ने पहले डीसी और फिर डीईओ का घेराव कर रोष जताया।
इस पर डीसी ने आश्वासन दिया कि आप जिस स्कूलों से नाम कटाकर एसएलसी लेकर आए हैं, वहां जाकर फिर से विद्यार्थियों का दाखिला करवा दें। अभिभावकों ने कहा कि जब नियम 134ए के तहत निजी स्कूलों में दाखिला नहीं देना था तो परीक्षा लेकर लिस्ट जारी करने का डोंग क्यों रचा। वहीं, डीईओ बार-बार कोर्ट की प्रति दिखाकर पिंड छुड़ाने की कोशिश करते दिखे, लेकिन अभिभावकों ने डीईओ को खरी-खोटी सुनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। इसके बाद अभिभावकों ने फैसला लिया है कि वे अब खुद चंडीगढ़ जाएंगे और शिक्षा मंत्री सहित आला अधिकारियों के सामने अपनी समस्या रखेंगे। संवाद
बडे़ स्कूलों ने बीते वर्ष में दाखिला लेने वालों को दिखाया बाहर का रास्ता
नियम 134ए के तहत जिले के बड़े स्कूलों ने बीते वर्ष में नियम 134ए के तहत दाखिला लेने वाले विद्यार्थियों को बाहर का रास्ता दिखाना शुरू कर दिया है। इनमें सेंट मैरी स्कूल, दॉ आर्यन स्कूल, ओपी जिंदल मॉडर्न स्कूल सहित चर्चित स्कूल शामिल है।
हाईकोर्ट की प्रति पर अधिवक्ताओं का तर्क
हाईकोर्ट ने जो आर्डर प्रति जारी की है। उसमें कहीं नहीं लिखा हुआ कि नियम 134ए दाखिले को लेकर किसी तरह का कोई स्टे दिया है। इस प्रति को दिखाकर कोई भी निजी स्कूल संचालक नियम 134ए के तहत दाखिला देने से इनकार नहीं कर सकता है। हां, इतना जरूर है कि कोई दाखिला देने से इनकार करें तो शिक्षा निदेशालय संबंधित स्कूल पर कार्रवाई भी नहीं कर सकता।
- जितेंद्र कुश, अधिवक्ता, बार एसोसिएशन, हिसार
मैंने कोर्ट की आर्डर कॉपी पढ़ी है। इसमें कहीं नहीं लिखा है कि नियम 134ए के तहत कोई भी निजी स्कूल संचालक किसी भी बच्चे को दाखिला देने से इनकार कर सकता है। दाखिला तो हर हाल में बच्चे को मिलना चाहिए, लेकिन शिक्षा निदेशालय की तरफ से निजी स्कूलों पर कोई दबाव नहीं डाल सकते हैं। - लाल बहादुर खोवाल, अधिवक्ता, बार एसोसिएशन, हिसार
अभिभावकों की पीड़ा
ओपी जिंदल मॉडल स्कूल ने मेरी बेटी परणीत कौर को दूसरी कक्षा और हरप्रीत सिंह को तीसरी कक्षा में नियम 134ए के तहत दाखिला नहीं दिया है। जबकि पहले दस्तावेज मंगवा लिए हैं। नाम भी कटवा लिया है। - सुखदेव सिंह, अभिभावक, पटेल नगर, हिसार
सेंट मैरी स्कूल में मेरे बेटे मोहित का दाखिला दूसरी कक्षा में हुआ है। जबकि पहले से ही बेटा इसी स्कूल में पढ़ता था। ये तो सरासर गलत है। - तरुण, अभिभावक, मुलतानी चौक, हिसार
मेरी बेटी खुशी का दूसरी कक्षा में स्मॉल वंडर स्कूल में दाखिला हुआ है। लिस्ट में नाम भी आ चुका है। फिर भी प्राचार्य ने दाखिला देने से इनकार कर दिया है। अधिकारियों को सख्त कदम उठाने चाहिए। - शिव कुमार, अभिभावक
द आर्यन स्कूल में मेरे बेटे विहान मुंजाल का दाखिला दूसरी कक्षा में हुआ है। अब हम अपने बच्चों को लेकर कहां जाए। - सोनाक्षी, अभिभावक, नागोरी गेट
कोर्ट की प्रति मिली है। इसके तहत निजी स्कूलों में नियम 134ए के तहत दाखिला न मिलने पर हम कोई कार्रवाई नहीं कर सकते हैं। अभिभावकों से शिकायत लेकर पंचकूला कार्यालय में भेज दिया जाएगा। - कुलदीप सिहाग, जिला शिक्षा अधिकारी, हिसार
अभिभावक जिस स्कूल से एसएलसी लेकर आए हैं उसी स्कूल में जाकर विद्यार्थी दाखिला ले सकता है। हमारी तरफ से निजी स्कूलों को निर्देश दे दिए गए हैं। - डॉ. प्रियंका सोनी, उपायुक्त, हिसार