सिरसा। किसान आंदोलन के कारण रोडवेज को अब तक सवा करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। यदि आंदोलन चलता रहा तो नुकसान ओर बढ़ने के आसार है। रोडवेज की बसें बंद होने और रूटों में बदलाव होने के कारण प्रतिदिन 10 लाख रुपयों का नुकसान झेलना पड़ रहा है। जिन रुटों पर बसें चल रही हैं आंदोलन के चलते उनमें सवारियों की संख्या कम ही रहती है।
रोडवेज प्रबंधन के अनुसार किसान आंदोलन के कारण प्रदेश सरकार के आदेशों के अनुसार सिरसा से पंजाब को आने वाले सभी रास्तों को बंद कर दिया गया था। इस कारण दिल्ली, पंजाब व चंडीगढ़ को आने व जाने वाली बसों के पहिए थम गए हैं। इसके अलावा लोकल रूटों पर चलने वाली बसों के रूट बदलने से बिना सवारियाें के बसें खाली आवागमन कर रही हैं। वहीं लोकल रूटों पर चलने वाली बसों को 20 से 25 किलोमीटर घूमकर जाना पड़ रहा है। जिससे बसों में डीजल की खपत भी ज्यादा है।
बता दें कि रूटों के प्रभावित होने से जिन रूट को तय करने में बस से एक घंटे का समय लगता था, अब उन्हीं को तय करने में दो गुणा ज्यादा समय लग रहा है। जिन रूटों पर बसें पहले दो बार फेरे लगा लेती थी। अब उन रूटों पर एक चक्कर भी मुश्किल से लग रहा है।