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सर! घड़ियां और बल्ब उतार ले जाते हैं लावारिस पशु

Sat, 12 Dec 2015 01:31 AM IST
अमर उजाला हिसार/ब्यूरो
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लावारिस पशु रात के समय बस स्टैंड पर लगी घड़ियां और बल्ब उतार कर ले जाते हैं। इतना ही नहीं वहां लगी पानी की टूटियां भी तोड़कर ले जाते हैं।
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यह हम नहीं कह रहे हैं, बल्कि रोडवेज के स्टेशन सुपरवाइजर (एसएस) कह रहे हैं। रात को चौकीदार रखने के लिए एसएस ने महाप्रबंधक को अजीबोगरीब पत्र लिखा, जिसमें उन्होंने रात को लावारिस पशुओं द्वारा की जा रही ऐसी कारगुजारी का जिक्र किया है।

एसएस के पत्र को पढ़कर खुद महाप्रबंधक भी हंसे बिना नहीं रह सके और उन्होंने गलतियों का सुधार कर दोबारा से पत्र लिखने के आदेश दिए। वहीं एसएस का ऐसा पत्र रोडवेज परिसर में चर्चा का विषय बना रहा।
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यह लिखा है पत्र में
एसएस ने महाप्रबंधक के नाम लिखे पत्र में कहा है कि रात को बस स्टैंड पर लावारिस पशुओं का जमावड़ा रहता है। कई बार तो हम पशुओं को बार-बार निकलवाते हैं।

फिर भी पशु बस स्टैंड की बाउंड्री के अंदर आकर बैठ जाते हैं व गंदगी फैलाते हैं और रात को कई बार बल्ब व घड़ियां उतारकर ले जाते हैं और पानी पीने वाली टूटियां भी तोड़कर ले जाते हैं।

इसलिए रात के समय एक चौकीदार को लगाना उचित होगा।

लावारिस पशुओं की है समस्या
बस स्टैंड परिसर पर लावारिस पशुओं की समस्या काफी समय से बनी हुई है। इस बारे में बार-बार रोडवेज प्रशासन को कर्मचारियों व यात्रियों द्वारा अवगत करवाया जाता है।

मगर उच्चाधिकारियों ने इसको लेकर कोई प्रबंध नहीं किए हैं। पिछले एक साल से काऊ कैचर लगवाने की बात कही जा रही है, मगर आज तक इस संबंध में भी कोई कार्रवाई सिरे नहीं चढ़ी।
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आलम यह है कि लावारिस पशु सारा दिन बस स्टैंड पर बैठे रहते हैं। यात्रियों के बीच घूमते इन पशुओं से दुर्घटना का अंदेशा भी बना रहता है।

वैसे तो एसएस ने समस्या को उठाया था। हो सकता है, लेटर लिखने के बाद उन्होंने सही तरीके से पढ़ा नहीं होगा। फिर भी लावारिस पशुओं की समस्या को देखते हुए एक व्यक्ति की ड्यूटी लगा दी गई है तथा रात्रि को पिछला गेट बंद करवाया जाता है।
- जितेंद्र यादव, ट्रैफिक मैनेजर, हिसार डिपो
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