हिसार। कड़ाके की ठंड के बीच रोडवेज डिपो की विभिन्न रूटों पर रात के समय संचालित होने वाली बसों के चालक और परिचालकों को अब रात्रि ठहराव बसों में ही करना होगा। इस संबंध में डिपो महाप्रबंधक ने सख्त आदेश जारी किए हैं। आदेशों की पालना न करने पर संबंधित रोडवेज कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। कर्मचारियों ने आदेशों का विरोध भी शुरू कर दिया है।
हिसार डिपो महाप्रबंधक की ओर से जारी आदेशों के अनुसार, रात के समय बस रूटों का अंतिम पड़ाव ही बसों का ठहराव स्थल होगा। चालक-परिचालकों को बसों के अंदर ही रात्रि विश्राम करना होगा। इसके साथ ही जीएम ने चेकिंग दस्ते को निर्देश दिए हैं कि वे रात के समय अलर्ट रहते हुए रात्रि ठहराव करने वाली बसों की विशेष जांच के लिए अभियान चलाएं।
हिसार रोडवेज के बेड़े में कुल 259 बसें हैं, जो विभिन्न रूटों पर संचालित होती हैं। इनमें से करीब 80 बसें ग्रामीण रूटों पर दौड़ती हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में रात्रि ठहराव के लिए न तो सोने की समुचित व्यवस्था है और न ही ठहरने की कोई सुविधा उपलब्ध है। ऐसे में चालक-परिचालकों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
वहीं शहरी रूटों पर दौड़ने वाली बसों के चालक-परिचालकों को बड़े और सुविधाजनक बस अड्डों पर रात के समय ठहरने की सुविधा मिल जाती है, लेकिन ग्रामीण अड्डों पर यह सुविधा उपलब्ध नहीं है। इससे चालक-परिचालक खुद को मजबूर और असहाय महसूस कर रहे हैं।
आरटीआई शिकायत के बाद लिया गया संज्ञान
इस मामले में एक व्यक्ति ने रोडवेज विभाग से आरटीआई के माध्यम से जानकारी मांगी थी। इसके बाद शिकायत की गई थी कि रात के समय कई चालक-परिचालक अपने घर चले जाते हैं, जिससे सुबह समय पर बसों का संचालन प्रभावित होता है। इसी शिकायत के बाद रोडवेज जीएम ने यह आदेश जारी किए हैं।
रात्रि ठहराव न करने पर होगी कार्रवाई
नए आदेश 30 दिसंबर को जारी किए गए हैं। आदेशों में स्पष्ट किया गया है कि रात के समय ठहराव न करने वाले चालक-परिचालकों की स्पेशल चेकिंग की जाएगी। यदि कोई चालक या परिचालक निर्धारित ठहराव स्थल पर नहीं मिलता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
चालक-परिचालकों ने उठाई ओटीआर की मांग
रोडवेज चालक-परिचालकों ने जीएम के इन आदेशों का विरोध करते हुए रात्रि ठहराव के बदले ओटीआर (डबल ड्यूटी रेस्ट) या ओवरटाइम दिए जाने की मांग की है। कर्मचारियों का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में रात के समय ठहरने की कोई व्यवस्था नहीं होती, ऐसे में यह आदेश उनके लिए परेशानी का कारण बन रहे हैं।
हरियाणा के किसी भी अन्य डिपो में इस प्रकार के आदेश लागू नहीं हैं। केवल हिसार डिपो के महाप्रबंधक ने ही ऐसे निर्देश जारी कर मनमानी दिखाई है। सर्दी के मौसम में यह आदेश चालक-परिचालकों के लिए पूरी तरह गलत है। यदि रात्रि ठहराव कराया जा रहा है, तो उसके बदले ओटीआर या ओवरटाइम दिया जाना चाहिए। यदि आदेश वापस नहीं लिए गए तो हरियाणा रोडवेज वर्कर यूनियन आंदोलन करेगी।
– राजकुमार, प्रधान, हिसार रोडवेज यूनियन डिपो