हिसार। लंबित मांगों और वित्तीय भत्तों के भुगतान को लेकर डिपो महाप्रबंधक के खिलाफ सांझा संघर्ष समिति का अनिश्चितकालीन धरना शनिवार को पांचवें दिन भी जारी रहा। महाप्रबंधक ने समिति को 28 सितंबर को वार्ता के लिए बुलाया है।
समिति ने कहा कि बातचीत में समाधान की दिशा में ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो बैठक कर बड़े आंदोलन की रणनीति बनाई जाएगी। धरने की अध्यक्षता अजय दुहन ने की और मंच संचालन सत्यवान सिवाच ने किया। कर्मचारियों ने रात्रि भत्ता जारी करने, लंबित एसीपी मामलों का निपटारा, मेडिकल बिलों का भुगतान और लंबे व लोकल मार्गों पर कर्मचारियों की रोटेशन मुख्यालय की हिदायतों के अनुसार निर्धारित किलोमीटर व समय के आधार पर करने की मांग उठाई।
उन्होंने कहा कि मांगें लंबे समय से लंबित हैं। धरने में डिपो प्रधान राजबीर दुहन, कर्मबीर मसूदपुर, बजरंग लाखा, पवन कनोह, संदीप जैनावास, अरुण शर्मा, नरेंद्र खरड़, जितेंद्र शर्मा, अमित जुगलान और जोगेंद्र पंघाल आदि मौजूद रहे।
पहले मुख्यालय से 25 रात्रि ड्यूटी की अनुमति ली जाए : राजकुमार चौहान
हिसार। हरियाणा रोडवेज वर्कर्स यूनियन के राज्य उपप्रधान एवं हिसार डिपो प्रधान राजकुमार चौहान ने कहा कि डिपो के एचकेआरएन कर्मचारियों का तीन साल का रात्रि भत्ता और चालक-परिचालकों का करीब 2.80 करोड़ रुपये बकाया है। कर्मचारियों के दो महीने पहले भरे फार्म और बिल चंडीगढ़ भेजे जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यालय से 25 रात्रि ड्यूटी की अनुमति और बजट मांगा गया है। महाप्रबंधक पहले एसीएस और डीजी परिवहन को पत्र लिखकर अनुमति लें, ताकि समय पर भत्ता मिल सके। अनुमति नहीं मिलने पर उपलब्ध अधिकार के अनुसार ही ड्यूटी लगाई जाए। उन्होंने मेडिकल बिल, एलटीसी, एसीपी और सात में 1200 किलोमीटर पूरा करने वाले चालक-परिचालकों के ओटीआर का भुगतान जल्द करने की मांग की। मांगें पूरी न होने पर यूनियन ने डिपो बंद करने का फैसला लेने की चेतावनी दी। ब्यूरो