हिसार। नया एसी खरीदने के बाद पर्याप्त कूलिंग नहीं मिलने के मामले में जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने दुकानदार और कंपनी को उपभोक्ता को समान या बेहतर मॉडल का नया एसी देने या 37,800 रुपये 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित लौटाने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ उपभोक्ता को 6 हजार रुपये मुआवजा और 4 हजार रुपये मुकदमा खर्च भी देना होगा।
आयोग ने श्रीराम इलेक्ट्रॉनिक्स और हिताची सिस्टम इंडिया प्राइवेट लिमिटेड को एसी उपभोक्ता के परिसर से अपने खर्च पर उठाने के भी निर्देश दिए हैं। सेक्टर-14पी निवासी विजय सिंह ने 6 जून 2024 को गुरु जंभेश्वर मार्केट स्थित श्रीराम इलेक्ट्रॉनिक्स से 37,800 रुपये में हिताची का स्प्लिट एसी खरीदा था। खरीद के बाद एसी पर्याप्त कूलिंग नहीं कर रहा था। उन्होंने दुकानदार और कंपनी के ग्राहक सेवा केंद्र में शिकायत की, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। इसके बाद 7 अगस्त 2024 को दोनों को कानूनी नोटिस भेजा गया।
सुनवाई के दौरान श्रीराम इलेक्ट्रॉनिक्स ने खुद को कंपनी का डीलर बताते हुए एसी की वारंटी और निर्माण संबंधी खराबी की जिम्मेदारी निर्माता कंपनी की बताई। वहीं, हिताची सिस्टम इंडिया की ओर से आयोग में कोई पक्ष नहीं रखा गया। आयोग ने 7 जनवरी 2025 को कंपनी को एकतरफा कर दिया। आयोग ने माना कि उपभोक्ता की शिकायत का उचित समाधान नहीं किया गया और सेवा में कमी रही।
आयोग ने आदेश की पालना के लिए 45 दिन का समय दिया है। निर्धारित अवधि में आदेश की पालना नहीं होने पर डिफॉल्ट अवधि के लिए 12 प्रतिशत वार्षिक ब्याज देना होगा। आदेश जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग, हिसार के अध्यक्ष जगदीप सिंह, सदस्य रजनी गोयत और सदस्य डॉ. अमिता अग्रवाल ने सुनाया।