हिसार। डीसी डॉ. प्रियंका सोनी ने उनके कार्यालय से सहायक पद से सेवानिवृत्त हुए गंगा बिशन के खिलाफ आजाद नगर थाने में धोखाधड़ी का केस दर्ज करवाया है। पुलिस को दी शिकायत में डीसी ने बताया कि आरोपी गंगा बिशन ने 10वीं कक्षा का शैक्षणिक प्रमाण पत्र कार्यालय में प्रस्तुत कर सेवादार से लिपिक के पद पर 9 दिसंबर 1992 को पदोन्नति प्राप्त की और बाद में वह सहायक के पद पर 14 जनवरी 2014 को पदोन्नत होकर 31 जुलाई 2017 को सेवानिवृत्त हो गया था।
गंगा बिशन के खिलाफ एक शिकायत के आधार पर जांच की गई। कार्यालय में प्रस्तुत किए गए 10वीं कक्षा के शैक्षणिक प्रमाण पत्र की हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड, भिवानी से जांच करवाई गई तो वहां से प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार गंगा बिशन का 10वीं कक्षा का शैक्षणिक प्रमाण पत्र फर्जी निकला। जिसके बाद सरकार की पूर्व स्वीकृति से उसकी पेंशन बंद करने के लिए कारण बताओ नोटिस जारी करके 15 दिन के अंदर जवाब मांगा गया। उसको निजी रूप से भी सुना गया, लेकिन उसकी तरफ से संतोषजनक जवाब नहीं मिला।
मामले की सूचना हरियाणा सिविल सेवाएं (पेंशन) नियमावली 2016 के नियम 10 के तहत हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग, पंचकूला को भेजी गई। जिसके बाद इस मामले में हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग से हरियाणा सिविल सेवाएं (पेंशन) नियमावली 2016 के नियम 10 के तहत वापस सेवादार के पद पर आरोपी गंगा बिशन को लाया गया। उसकी फीडर पद की पेंशन में 10 वर्षों के लिए 25 फीसद की कटौती करने के आदेश डीसी को मिले। उसके बाद डीसी की शिकायत पर आजाद नगर थाने में गंगा बिशन के खिलाफ धारा 420 सहित अन्य धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। मामले में जांचकर्ता सब इंस्पेक्टर कृष्ण का कहना है कि गंगा बिशन का डीसी कार्यालय से रिकॉर्ड लेने के बाद जांच में वह आरोपी पाया गया तो उसे हिरासत में लिया जाएगा। रिकॉर्ड मिलने के बाद ही जांच में पता चल सकेगा कि गंगा बिशन ने ये प्रमाण पत्र कहां से, कब और कितने रुपये में बनवाया था। इस बारे में जांच जारी है।