हिसार। बरवाला स्थित सतलोक आश्रम प्रकरण से जुड़े बहुचर्चित देशद्रोह मामले में आरोपी रामपाल की पेशी के लिए अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश जैस्मिन शर्मा की अदालत ने अहम आदेश जारी किया है। अदालत ने रामपाल को आगामी सभी सुनवाइयों में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (वीसी) के माध्यम से पेश होने की अनुमति दे दी है।
अदालत ने यह फैसला सुरक्षा व्यवस्था, लंबी दूरी और न्यायिक प्रक्रिया में अनावश्यक बाधा से बचने को ध्यान में रखते हुए सुनाया। साथ ही स्पष्ट किया कि आवश्यकता पड़ने पर रामपाल को व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित होना होगा। मामले की अगली सुनवाई अब 24 जुलाई को निर्धारित की गई है। इससे पहले अदालत ने 14 मई को एक पेशी के लिए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की अनुमति दी थी जिसे अब आगे की सभी सुनवाइयों तक बढ़ा दिया गया है।
रामपाल के अधिवक्ता सचिन दास ने अदालत में दायर आवेदन में कहा था कि हर पेशी पर भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच रामपाल को अदालत लाना प्रशासनिक रूप से चुनौतीपूर्ण है। साथ ही कानून-व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका भी बनी रहती है।
बचाव पक्ष ने दलील दी कि रामपाल पहले से जमानत पर हैं और ट्रायल में लगातार सहयोग कर रहे हैं, इसलिए उन्हें वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेश होने की अनुमति दी जाए। वहीं पुलिस ने भी अपने जवाब में सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेशी की अनुमति देने की मांग की थी। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने यह आदेश पारित किया।
वर्ष 2014 में बरवाला स्थित सतलोक आश्रम में पुलिस कार्रवाई के दौरान भारी हिंसा और टकराव हुआ था। रामपाल की गिरफ्तारी के प्रयास के दौरान कई लोगों की मौत हुई थी तथा बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी घायल हुए थे। इसके बाद रामपाल और उनके समर्थकों के खिलाफ देशद्रोह, हत्या, हत्या के प्रयास और गैरकानूनी गतिविधियों समेत कई गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज किए गए थे।