हिसार। वर्ष 2014 के सतलोक आश्रम हिंसा मामले में आरोपी संजय उर्फ फौजी को एक बार फिर जमानत नहीं मिली। हिसार की अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश डॉ. गगनदीप मित्तल की अदालत ने शनिवार को उसकी छठी जमानत याचिका खारिज कर दी। अदालत ने कहा कि इस मामले की गंभीरता और आरोपी की सक्रिय भूमिका को देखते हुए उसे जमानत नहीं दी जा सकती।
यह मामला नवंबर 2014 का है जब पुलिस सतलोक आश्रम प्रमुख रामपाल को गिरफ्तार करने पहुंची थी। आश्रम में समर्थकों ने पुलिस कार्रवाई का विरोध करते हुए पथराव, फायरिंग और पेट्रोल बमों का इस्तेमाल किया था, जिसके परिणामस्वरूप 1000 से अधिक लोग घायल हो गए थे, जिनमें कई पुलिसकर्मी भी शामिल थे।
अदालत ने माना कि संजय उर्फ फौजी की भूमिका इस हिंसक घटनाक्रम में अहम और सक्रिय रही। उस पर हमले की साजिश रचने और लोगों को प्रशिक्षित करने जैसे गंभीर आरोप हैं। आरोपी करीब सात साल तक फरार रहा और जुलाई 2022 में गिरफ्तार हुआ था। उसे पहले अपराधी घोषित भी किया जा चुका है।
बचाव पक्ष ने दलील दी थी कि 49 गवाहों के बयान हो चुके हैं और सह-आरोपी रामपाल को जमानत मिल चुकी है लेकिन अदालत ने इस तर्क को खारिज कर दिया। यह कहते हुए कि दोनों आरोपियों की भूमिका अलग है।