कटला रामलीला में मंचन करते कलाकार।
हिसार। पुराना गवर्नमेंट कॉलेज मैदान में चल रही कटला रामलीला के आठवें दिन शनिवार को शबरी के झूठे बेर खाते प्रभु श्रीराम और हनुमान की ओर से सोने की लंका जलाने के प्रसंगों का मंचन किया गया। अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त स्वामी श्रीराम वल्लभ शर्मा के सान्निध्य में वृंदावन के कलाकारों ने शबरी चरित्र, सुग्रीव मित्रता, बाली वध और लंका दहन के प्रसंग जीवंत किए।
वर्षों से श्रीराम के दर्शनों की प्रतीक्षा कर रही शबरी की कुटिया में राम और लक्ष्मण पहुंचे तो वह भावविभोर हो गई। बेर खट्टे न हों, यह सुनिश्चित करने के लिए शबरी ने उन्हें चखकर राम को भेंट किया। प्रभु ने भी प्रेमपूर्वक बेर ग्रहण किए। इसके बाद सुग्रीव मित्रता और बाली वध का मंचन हुआ।
लंका में माता सीता से मिलने पहुंचे हनुमान की पूंछ में आग लगा दी जाती है। इसके बाद हनुमान एक महल से दूसरे महल पर छलांग लगाते हैं और स्वर्ण नगरी लंका जल उठती है। इस दृश्य पर दर्शकों ने जय बजरंगबली के जयकारे लगाए।
कमेटी प्रधान विनोद गुप्ता ने बताया कि 18 अक्तूबर को विभीषण शरणागति, रामेश्वरम स्थापना, अंगद-रावण संवाद और लक्ष्मण शक्ति का मंचन होगा। वरिष्ठ अधिवक्ता पीके संधीर मुख्य अतिथि रहे। अशीष जैन, दीपक अग्रवाल, रघुबीर गोयल सहित अन्य अतिथि और कमेटी पदाधिकारी मौजूद रहे। 19 अक्तूबर को कुंभकरण वध, मेघनाद वध, सती सुलोचना और अहिरावण वध के प्रसंग दिखाए जाएंगे।