हिसार। शहर की राजगुरु मार्केट में अब रात के समय सफाई होगी। नगर निगम की संयुक्त आयुक्त बेलिना ने मंगलवार को स्वच्छता शाखा के साथ हुई बैठक में इसे लेकर अधिकारियों व कर्मचारियों को दिशा-निर्देश जारी किए। बैठक में संयुक्त आयुक्त ने शहर की सफाई व्यवस्था को लेकर नाराजगी जताई। साथ ही व्यवस्था में सुधार लाने के लिए उन्होंने कर्मचारियों की ड्यूटियों में बदलाव भी किया।
बता दें कि निगम की कचरा उठाने वाली काफी गाड़ियों के खराब होने व ट्रैक्टर-ट्रॉली का टेंडर खत्म होने से पिछले कई दिनों से शहर की सफाई व्यवस्था बिगड़ी हुई है। निगम के पास प्रतिदिन कचरे का उठान न होने को लेकर काफी शिकायतें आ रही हैं। इसी को देखते हुए संयुक्त आयुक्त ने मंगलवार को यह बैठक बुलाई थी।
बैठक में फैसला किया गया कि राजगुरु मार्केट में अब रात को सफाई करवाई जाएगी। इसे लेकर एएसआई कमल की ड्यूटी लगाई गई है। यह व्यवस्था लागू होने से अब सुबह के समय मार्केट की सड़कों पर कचरा नहीं मिलेगा। हालांकि इससे पहले राजगुरु मार्केट से शाम को कचरा उठाने की व्यवस्था लागू की गई थी, जो फिलहाल बंद पड़ी है। बता दें कि राजगुरु मार्केट में दुकानदार रात को दुकानें बंद करते समय कचरा दुकानों के आगे फेंक देते हैं, जो सुबह झाडू लगने तक सड़कों पर ही पड़ा रहता है। बैठक में सीएसआई राजकुमार, सीएसआई देवेंद्र बिश्नोई, एएसआई संदीप, सुरेंद्र हुड्डा, कमल, राहुल सैनी व रोहित, सीटीएल जसबीर कुंडू, एपीओ सत्येंद्र यदुवंशी, रवि सिंदवानी आदि मौजूद रहे।
गाड़ियों की निगरानी व तेल डलवाने के लिए लागू की नई व्यवस्था
इस दौरान निगम की कचरा उठाने वाली गाड़ियों की निगरानी व उनमें तेल डलवाने के लिए नई व्यवस्था भी लागू की गई। अब गाड़ियों की निगरानी के लिए तीन कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है, जिसमें एक कर्मचारी के अलावा सीएसआई देवेंद्र बिश्नोई व एपीओ सत्येंद्र यदुवंशी शामिल हैं। वहीं तेल डलवाने का कार्य एमटीओ व दो एएसआई देखेंगे। बता दें कि पिछले दिनों एक के बाद एक काफी गाड़ियां खराब हो गई थी, जिससे निगम कर्मचारियों को कचरा उठान में काफी समस्या आई थी।
ठेकेदार द्वारा उठान किए जाने वाले कचरे की हो निगरानी
संयुक्त आयुक्त ने कर्मचारियों से पूछा कि ठेकेदार उठान किया हुए कचरे को डंपिंग स्टेशन पर कैसे डाल रहा है। ठेकेदार कचरे का सेग्रीगेशन कर रहा है या नहीं। साथ ही कचरे का वजन कितना है, इसकी प्रतिदिन निगरानी की जाए। उधर बैठक में संयुक्त आयुक्त ने सीएसआई से पूछा कि किस एएसआई के पास कौन-कौन से वार्ड है, लेकिन सीएसआई जवाब नहीं दे सके। इसके अलावा उन्होंने पूछा कि किस वार्ड में सफाई के लिए कितने ट्रैक्टर लगाए हुए हैं तो इस सवाल का भी वह ठीक से जवाब नहीं दे पाए। इस पर संयुक्त आयुक्त ने कहा कि जब आपको यह जानकारी ही नहीं है कि किस एएसआई के पास कौन सा वार्ड है तो आप कैसी मॉनिटरिंग कर रहे हो।
निगम को मिले 16 ट्रैक्टर-ट्रॉली, सुधरेगी सफाई व्यवस्था
निगम की तरफ से 16 ट्रैक्टर ट्रॉली किराये पर लेने को लेकर लगाए गए टेंडर के तहत ट्रैक्टर ट्रॉली मिल गए हैं। हालांकि मंगलवार तक ठेकेदार ने 11 ट्रैक्टर ट्रॉली ही उपलब्ध करवाए थे। निगम को मिले इन 16 ट्रैक्टर ट्रॉली में से 11 का इस्तेमाल कचरा उठाने व 5 का इस्तेमाल गोबर उठाने के लिए किया जाएगा। बता दें कि कई दिन पहले पुराना टेंडर खत्म होने के कारण उक्त ठेकेदार ने अपने ट्रैक्टर ट्रॉली हटा दिए थे, जिस कारण से कचरा उठान में काफी समस्या आ रही थी।