राजगुरु मार्केट पार्किंग ठेकेदार ने अवैध वसूली की हदें पार कर दीं हैं। ठेकेदार के कारिंदों ने तीनों मार्केट के प्रधान से ही अवैध वसूली कर ली। गाड़ी की पार्किंग फीस व्यापारियों से 10 की बजाए 20 रुपये वसूल ली। इस मामले को लेकर व्यापारियों ने कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि वे किसी भी हालात में बाजार में अवैध वसूली नहीं होने देंगे। व्यापारियों ने चेतावनी दी कि ठेकेदार व प्रशासन ये कतई न सोचे कि व्यापारी उनके दबाव में आकर सब सहन करते रहेंगे। उन्होंने जल्द ही व्यापारियों की मीटिंग बुलाकर ठेकेदार व प्रशासन के खिलाफ फैसला लेने का एलान किया है।
दरअसल, राजगुरु मार्केट वेलफेयर एसोसिएशन के प्रधान राजेश जैन, न्यू राजगुरु मार्केट प्रधान राजेंद्र चुटानी व राजगुरु मार्केट ऑर्गेनाइजेशन प्रधान अक्षय मलिक एक गाड़ी में सवार होकर कहीं से आ रहे थे। मार्केट में एंट्री करते ही कारिंदे ने उनकी गाड़ी रुकवाई और गाड़ी की 20 रुपये की पार्किंग फीस वसूल ली। तीनों प्रधानों ने कहा कि 20 रुपये किस बात के। इस पर कारिंदे ने कहा पार्किंग फीस ही 20 रुपये है। प्रधानों ने कहा पर्ची पर तो नहीं लिखा। इतना कहते ही कारिंदे ने पर्ची पर गाड़ी नंबर सहित 20 रुपये फीस भी अंकित कर दी। बाद में जब कारिंदे को पता चला तो वह पर्ची वापस लेने व 20 रुपये देने के लिए पहुंच गया।
व्यापारी बोले ये पार्किंग फीस है या टोल टैक्स
न्यू राजगुरु मार्केट के प्रधान राजेंद्र चुटानी ने कहा कि ठेकेदार के कारिंदे मार्केट में एंट्री करते ही पर्चियां काट रहे हैं। ठेकेदार के कारिंदे तो मार्केट में वाहन घुसते ही पर्ची हाथ में थमा देते हैं। प्रधान ने कहा है कि ये ऐसे हाल में तो ये पार्किंग फीस नहीं बल्कि टोल टैक्स है।
पहले ही काट देंते हैं पर्चियां
व्यापारियों ने आरोप लगाया है कि ठेकेदार के कारिंदे गाड़ी पार्क करवाने से पहले ही वाहन चालकों के हाथ में पर्चियां थमा देते हैं। चालक का व्हीकल खड़ा होने की जगह हो या न हो। जब वाहन चालक को जगह नहीं मिल पाती तो वे दूसरी मार्केट में जाते हैं वहां की पर्ची दिखाने पर कांट्रेक्टर के कारिंदे ग्राहकों को वहां वाहन खड़ा करने नहीं देते। इससे आम लोगों को परेेेशानी हो रही है।
नगर निगम के अधिकारियों की मिलीभगत लग रही है। ये राजनीतिक दबाव में ऐसा काम कर रहे हैं। निगम प्रशासन अगर ठेकेदार के खिलाफ एक्शन नहीं लेगा तो तीनों एसोसिएशन सामूहिक रूप में बाजार बंद करने का फैसला भी ले सकती हैं।
- राजेश जैन, प्रधान, राजगुरु मार्केट वेलफेयर एसोसिएशन
तीनों एसोसिएशन इस मुद्दे पर एकजुट हैं। हम कोई सामूहिक फैसला लेंगे। टू व्हीलर फ्री हों। ठेकेदार पार्किंग को लेकर पूरी व्यवस्था बनाए। जल्द ही व्यापारी इस मामले को लेकर मीटिंग कर सकती है।
- अक्षय मलिक, प्रधान राजगुरु मार्केट वेलफेयर ऑर्गेनाइजेशन।
जहां गाड़ी पार्क हो जाए वहां पर्ची काटे, अवैध वसूली बंद करें। जल्द ही मीटिंग कर इनके खिलाफ फैसला लेंगे किसी भी हालात में अवैध वसूली नहीं होने देंगे।
- प्रधान, राजेंद्र चुटानी, न्यू राजगुरु मार्केट