हिसार। स्थानीय कैमरी रोड स्थित ज्ञानदीप सेवार्थ आश्रम के प्रांगण में आश्रम के संचालक एवं गद्दीनशीन महंत राजेश्वरा नंद महाराज विश्व कल्याण के लिए भीषण गर्मी में आश्रम के प्रांगण में 16 दिनों के लिए धूणों के बीच समाधी लगाकर तपस्या पर बैठे हैं। महंत की यह तपस्या 9 जून को पूरी होगी।
तपस्या पर बैठने से पूर्व महंत राजेश्वरा नंद महाराज ने कहा कि संतों महात्माओं का जीवन दूसरों की भलाई के लिए होता है। संत महात्मा विपदा आने से पूर्व अपने अनुयायियों को अवगत करवा देते हैं व उन्हें विपदा से दूर करते हैं। वह हमेशा अपने भक्तों को भलाई का मार्ग दिखाते हैं। संत समाज को हमेशा अपना जीवन लोगो के लिए प्रेरणादायक रखना चाहिए।
महंत राजेश्वरा नंद महाराज ने गुरु महाराज के स्वरूप के समक्ष दीप प्रज्वलित किया व उपस्थित श्रद्धालुओं के साथ पूरे आश्रम मंदिर व तपस्या स्थल की परिक्रमा कर गुरु महाराज को दंडवत किया।
उल्लेखनीय है कि महंत राजेश्वरा नंद महाराज 24 मई को सतबीरा नंद महाराज,डेरा ज्वाल माला जींद महंत स्वामी सदानंद,स्वामी दिव्या नंद,विजेंदर दास स्वामी, स्वामी सजदा नंद महाराज, कबीर दास, सजंय महाराज की विशेष उपस्थिति व संतों, श्रद्धालुओं की उपस्थिति में आश्रम के प्रांगण में 16 दिनों के लिए धूणों के बीच समाधी लगाकर तपस्या पर बैठे थे।