हरियाणा में 18 जुलाई को ही एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा, जिसके असर से दक्षिणी पंजाब व उत्तरी राजस्थान पर एक कम दबाव का क्षेत्र बनेगा। इन सभी के प्रभाव से प्रदेश में बारिश की गतिविधियों में बढ़ोतरी होगी।
राजस्थान पर बना कम दबाव का क्षेत्र कमजोर पड़ गया है। वीरवार को मानसून टर्फ के हरियाणा के और नजदीक आने से प्रदेश में बारिश की गतिविधियों में तेजी आएगी। वहीं, बुधवार को प्रदेश के कई जिलों में बूंदाबांदी और बारिश हुई।
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मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि निम्न दबाव का क्षेत्र उत्तर पश्चिमी राजस्थान और पाकिस्तान के पास बना हुआ है। अगले 12 घंटों में इसके लाहौर की तरफ बढ़ने व कमजोर पड़ने की संभावना है। इसके असर से राजस्थान पर बनी मानसून टर्फ के हरियाणा के और नजदीक आने की काफी संभावना है। वहीं, एक निम्न दबाव का क्षेत्र दक्षिण पश्चिमी बिहार व पूर्वी उत्तर प्रदेश में बना हुआ है, जो कि 18 जुलाई तक हरियाणा के नजदीक राजस्थान पर पहुंच जाएगा।
इसके अलावा 18 जुलाई को ही एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा, जिसके असर से दक्षिणी पंजाब व उत्तरी राजस्थान पर एक कम दबाव का क्षेत्र बनेगा। इन सभी के प्रभाव से प्रदेश में बारिश की गतिविधियों में बढ़ोतरी होगी। हालांकि 18 जुलाई के बाद कुछ दिनों तक कोई विक्षोभ सक्रिय होता दिखाई नहीं दे रहा है। अगर ऐसा होता है तो मानसून टर्फ उत्तर पर्वतीय क्षेत्रों की तलहटी में पहुंच जाएगी, जिससे प्रदेश में मानसून की गतिविधियों पर ब्रेक लग सकता है।