जिले में दूसरे दिन भी हुई बारिश और ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान पहुंचा है। शाम को शहर के नागोरी गेट स्थित सनातन धर्म मंदिर के गुंबद पर धमाके साथ बिजली गिरी। वहीं आदमपुर और बरवाला क्षेत्र में कई जगहों पर ओलावृष्टि हुई। गुंबद पर आसमानी बिजली गिरने से उसमें दरार आ गई और छेद हो गया। तेज धमाके के साथ गिरी बिजली को लेकर शहर में तेजी से सूचना फैल गई। सोशल साइट पर इसको लेकर खूब चर्चाएं चली। ओलावृष्टि होने से गेहूं, सरसों की फसल को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है। बरसात होने से क्षेत्र में फिर से सर्दी बढ़ गई है। शहर में वीरवार को करीब 2 एमएम बारिश दर्ज की गई। बारिश के कारण रात्रि तापमान में 2.3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आ गई है। मौसम विभाग की मानें तो 11 मार्च तक मौसम में बदलाव रहेगा। बदलाव के चलते कुछ अन्य जगहों पर बारिश होने की संभावना हैं। भारतीय मौसम विभाग के अनुसार दोपहर का तापमान 26 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जो सामान्य से करीब 5 डिग्री सेल्सियस कम है। रात्रि तापमान 12.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यह तापमान भी सामान्य से करीब 2.3 डिग्री सेल्सियस कम था।
किसानों को सलाह - न करें सिंचाई
हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के आंशिक प्रभाव के कारण मौसम में बदलाव हुआ है। 11 मार्च तक बीच-बीच में तेज हवाओं के साथ कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। कृषि विशेषज्ञों ने मौसम में बदलाव देखते हुए किसानों को गेहूं की फसल में 11 मार्च तक सिंचाई न करने की सलाह दी है।
तेज हवाओं के कारण फसल को नुकसान
तेज हवाओं व बारिश के कारण गेहूं और सरसों की फसल को नुकसान हुआ है। बारिश के कारण सरसों की फसल जो इस समय पकी हुई है नुकसान में आ गई है। तेज हवाओं के साथ बारिश के कारण गेहूं की फसल कुछ जगहों पर बिछ गई है।
इन स्थानों पर गिरे ओले
बरवाला शहर के साथ लगते गांव बनभौरी, छान व संदलाना में भारी ओलावृष्टि हुई। इस भारी ओलावृष्टि से किसानों के खेतों में तैयार फसलें बर्बाद हो गई और किसानों को लाखों रुपये का नुकसान हो गया। इन गांवों के किसानों महाबीर सिंह, श्रीचंद, सुरेंद्र सिंह व कपूर सिंह आदि ने बताया कि करीब पौने 5 बजे बड़े-बड़े ओलों की बारिश हुई। ओलों की बारिश लगभग आधा घंटा तक हुई। इस भारी ओलावृष्टि से खेतों में तैयार खड़ी बरसीन, सरसों व गेहूं की फसलें तहस नहस हो गई और किसानों के अरमानों पर पानी फिर गया। इन किसानों ने सरकार व प्रशासन से तुरंत प्रभाव से तहस नहस हुई फसलों की गिरदावरी करवाकर आर्थिक मुआवजा प्रदान किए जानें की मांग की है। सिवानी शहर में जहां बरसात हुई वहीं खंड के गांव शेरपुरा, कालौद, गुढा, बिधवान, कलाली, घंघाला, ढाणी भाकरां, बुद्धशैली, मोहिला, भेरां व आसपास के गांवों में ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान हुआ है।
जहां ओले गिरे वहां नुकसान की आशंका है। सूखे इलाकों में सर्वाधिक ओले गिरे हैं। इस समय फसल पककर तैयार है। इसलिए नुकसान हो सकता है। कुछ स्थानों पर बरसात के साथ हवा चलने से गेहूं की फसल बिछ गई है। इससे इसमें भी नुकसान होगा।
- प्रवीण मंडल, कृषि विशेषज्ञ, हिसार