घिराय। सुलखनी-धान्सू क्षेत्र में खरगोश शिकार प्रकरण को लेकर सोमवार को धान्सू स्थित राधा-कृष्ण गोशाला में ग्रामीणों की बैठक हुई। पंचायत में आरोपियों ने घटना पर गलती स्वीकार करते हुए माफी मांगी। इसके बाद पंचायत ने सामाजिक स्तर पर तीनों आरोपियों को गोशाला में छह-छह गठड़ी तूड़ी डालने का दंड देकर मामला निपटाने का निर्णय लिया।
सरपंच प्रतिनिधि सुरजीत वर्मा ने बताया कि आरोपियों ने कहा कि 14 जुलाई को भेड़-बकरियां चराने के दौरान कुत्ते एक खरगोश के पीछे दौड़ पड़े। उसे बचाने के प्रयास में लाठी लगने से उसकी मौत हो गई। घबराहट के कारण वे मौके से चले गए। उन्होंने भविष्य में ऐसी गलती न दोहराने का भरोसा देते हुए ग्रामीणों से क्षमा मांगी। बैठक में यह भी तय किया गया कि आगे से भेड़-बकरियां चराने जाने वाले लोग अपने साथ कुत्ते नहीं ले जाएंगे ताकि वन्यजीवों को नुकसान न पहुंचे।
हालांकि वन्य प्राणी विभाग ने पंचायत के इस सामाजिक समझौते को कानूनी रूप से महत्वहीन बताया है। विभाग का कहना है कि मामला वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत दर्ज किया गया है और कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।
आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करेंगे : जांगड़ा
वन्य प्राणी विभाग के निरीक्षक दिनेश जांगड़ा ने बताया कि शिकायत के आधार पर सुलखनी निवासी खुशिया, रोहताश और प्रवेश के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। आरोप है कि तीनों ने लाठी और कुत्तों की मदद से खरगोश का शिकार किया और बाद में उसके शव को खुर्द-बुर्द कर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि सामाजिक समझौते का कानूनी कार्रवाई पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। मामले की जांच जारी है और आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।