हिसार। गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (जीजेयू) के कुलसचिव डॉ. विजय कुमार की नियुक्ति की पात्रता और वैधता पर सवाल उठाए गए हैं। एडवोकेट राहुल कुमार झा ने इस संबंध में हरियाणा के राज्यपाल, मुख्यमंत्री, तकनीकी शिक्षा विभाग और जीजेयू के कुलपति को कानूनी नोटिस भेजकर नियुक्ति से जुड़े तथ्यों की स्वतंत्र जांच की मांग की है।
डॉ. विजय कुमार 4 फरवरी 2025 के नियुक्ति आदेश के तहत जीजेयू में कुलसचिव के पद पर कार्यरत हैं। नोटिस के अनुसार जीजेयू अधिनियम में कुलसचिव का पद महत्वपूर्ण सांविधिक और प्रशासनिक पद है। हरियाणा सरकार के उच्च शिक्षा विभाग की 8 दिसंबर 2000 की अधिसूचना में इस पद की पात्रता निर्धारित की गई है।
उपलब्ध दस्तावेजों के अनुसार डॉ. विजय कुमार ने 11 मई 2012 को सहायक प्रोफेसर के रूप में कार्यभार संभाला था। इस तिथि को अर्हकारी सेवा की शुरुआत मानने पर 4 फरवरी 2025 तक उनकी सेवा अवधि करीब 12 वर्ष नौ महीने बनती है। नोटिस में सवाल उठाया गया है कि नियुक्ति की तारीख तक पद के लिए निर्धारित अनुभव की शर्त पूरी हुई थी या नहीं।
सेवा रिकॉर्ड के सत्यापन की मांग
एडवोकेट झा ने डॉ. विजय कुमार की प्रारंभिक नियुक्ति, जॉइनिंग, रीडर या एसोसिएट प्रोफेसर के ग्रेड में नियुक्ति अथवा पदोन्नति की तारीख और उसकी प्रकृति से जुड़े प्रमाणित रिकॉर्ड की जांच का अनुरोध किया है। आवेदन या बायोडाटा में उन्हें एसोसिएट प्रोफेसर बताए जाने के तथ्य का सत्यापन करने की मांग भी की गई है। नोटिस में कहा गया है कि मूल सेवा रिकॉर्ड के आधार पर निर्धारित अनुभव अवधि और नियुक्ति की वैधता की स्वतंत्र जांच की जानी चाहिए।