एक निजी अस्पताल के चिकित्सक को महिला की मौत का जिम्मेदार ठहराते हुए अखिल वाल्मीकि समाज न्याय मंच के सदस्यों ने सोमवार को उपमंडलाधीश कार्यालय के सामने चिकित्सक के खिलाफ नारेबाजी कर प्रदर्शन किया और ज्ञापन सौंपा।
अखिल वाल्मीकि समाज न्याय मंच की राष्ट्रीय अध्यक्षा बिमला पुहाल, कोषाध्यक्ष राजकुमार चावरिया, महासचिव राज पारछा, सचिव गोपाल बिट्टू, यूथ इकाई के प्रदेश सचिव ओमप्रकाश धारीवाल, गांव मौजगढ़ के भगवान दास, तरसेम चंद, राजेंद्र, प्रवीण, पवन, लखुआना के वेदपाल और पीड़ित परिवार के सुंदर सिंह ने बताया कि गांव मौजगढ़ निवासी रोशनी देवी काफी समय से पित्त की पथरी से पीड़ित थी।
उसे इलाज के लिए मंडी किलियांवाली के एक निजी अस्पताल में दाखिल करवाया गया। डॉ. मुकेश गोयल ने ऑपरेशन किया। इलाज की एवज में 18 हजार रुपये का खर्चा बताकर 74 हजार 100 रुपये लिए गए।
बाद में यह कहते हुए कि पथरी रोशनी देवी के खाने वाली नली में है, उसे गंगानगर रेफर कर दिया। वहां पर भी इलाज करवाया। जहां चिकित्सक ने बताया कि रोशनी देवी का ऑपरेशन ठीक ढंग से नहीं हुआ है। पित्त के ऑपरेशन से पहले भोजन नली का ऑपरेशन किया जाना था लेकिन संबंधित चिकित्सक ने ऐसा नहीं किया।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि जब उन लोगों ने डॉ. मुकेश गोयल से गंगानगर के चिकित्सकों की राय साझी की तो वे गुस्से में आ गए। उन्हें पुलिस बुलाने की धमकी दी। 15 दिसंबर को दोपहर बाद एक बजे रोशनी देवी की मौत हो गई।
मृतका के बेटे सुंदर सिंह ने बताया कि उनके परिवार का गुजारा पिता की मौत के बाद उसकी मां को मिलने वाले एक्सग्रेशिया की राशि से चलता था लेकिन अब उसकी मां की मौत होने के बाद उसके गुजारे का कोई साधन भी नहीं रहा।
ज्ञापन लेने के बाद उपमंडलाधीश सतीश कुमार ने बताया कि किसी सक्षम अधिकारी से चिकित्सक पर लगाए गए आरोपों की जांच करवाई जाएगी। जांच रिपोर्ट के बाद ही आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।