अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश संदीप गर्ग की अदालत ने प्रेमिका से मिलने आए युवक की हत्या कर शव को खुर्द बुर्द करने के जुर्म में तीन युवकों को आजीवन कारावास और 22-22 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा न करने पर दोषियों को डेढ़-डेढ़ वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। जबकि दो लोगों को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया।
अभियोजन पक्ष के अनुसार गांव अमरगढ़ निवासी बृजेंद्र ने 22 फरवरी 2011 को शहर थाना नरवाना पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि उसके चचेरे भाई कृष्ण का गांव की ही युवती से प्रेम प्रसंग चल रहा था। 16 अक्तूबर 2010 को कृष्ण अपनी प्रेमिका से मिलने के लिए नरवाना आया था।
उसी दौरान प्रेमिका के परिजनों ने उसकी चाकुओं से गोद कर हत्या कर दी और शव को प्लास्टिक के कट्टे में डाल सिरसा ब्रांच नहर में फेंक दिया था। 21 फरवरी 2011 को आदमपुर हिसार पुलिस ने कृष्ण का शव सारंगपुर माइनर से बरामद किया था। मोबाइल फोन कॉल डिटेल के आधार पर खुलासा हुआ था कि कृष्ण को उसकी प्रेमिका ने फोन कर नरवाना बुलाया था।
पुलिस ने बृजेंद्र की शिकायत पर गांव अमरगढ़ निवासी राजकुमार, सुमित, जगदीश, प्रदीप और कुलदीप के खिलाफ हत्या तथा शव को खुर्द बुर्द करने का मामला दर्ज कर सभी को गिरफ्तार कर लिया था। तभी से मामला अदालत में विचाराधीन था। सोमवार को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश संदीप गर्ग की अदालत ने जगदीश, प्रदीप और कुलदीप को आजीवन कारावास और 22-22 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा न करने पर दोषियों को डेढ़-डेढ़ वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। जबकि राजकुमार और सुमित को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया।