प्रॉपर्टी टैक्स छूट के लिए 15 दिन शेष हैं। मगर शहर के लोग निगम की टैक्स ब्रांच में बैठे अधिकारियों के व्यवहार के कारण इतनी बड़ी 26 प्रतिशत की छूट लेने को भी तैयार नहीं। जनता को अधिकारियों की तरफ से मिल रहे नेगेटिव फीड बैक के कारण लोग निगम में टैक्स भरने जाने को लेकर मुंह मोड़ रहे हैं। जिन टैक्स बिलों में निगम की तरफ से गलतियां हुई हैं अधिकारी उन्हें ठीक करने के लिए भी राजी नहीं।
यूं समझें जनता का दर्ज
उदाहरण - 1
नगर निगम कार्यालय में एक व्यक्ति सुबह अपने प्रॉपर्टी टैक्स बिल में हुई गलती ठीक करवाने की शिकायत लेकर पहुंचा। उसने ब्रांच में पहुंचकर कहा कि दो महीने पहले भी शिकायत दी थी कि टैक्स बिल ठीक कर दिया जाए। इसको लेकर मौके पर मौजूद कर्मचारी ने शिकायत वापस लौटाते हुए कहा कि सर आप ये शिकायत वापस ले जाओ फिलहाल बिलों में गलतियां ठीक करने का काम नहीं चल रहा। कुछ दिन बाद गलतियां ठीक करने का काम शुरू होगा इसके बाद आप एप्लीकेशन लेकर आना।
उदाहरण - 2
पार्षद नरेंद्र शर्मा वार्ड के एक स्कूल बिल्डिंग का प्रॉपर्टी टैक्स भरने के लिए पहुंचे। वे टैक्स ब्रांच में बिल भरने के लिए लाइन में खड़े हो गए। जब तक उनका नंबर आया, कर्मचारी ने टैक्स भरने से इनकार कर दिया। इस पर पार्षद नरेंद्र शर्मा ने हंगामा खड़ा कर दिया। उन्होंने मामले की शिकायत ईओ अमन ढांडा को कर दी। उन्होंने कर्मचारी को बुलाकर बिल भरवाने के निर्देश दिए। ब्रांच में जाने के बाद छूट व एरियर को लेकर टैक्स ब्रांच व पार्षद की फिर कहासुनी हो गई। पार्षद ने कहा कि इसकी फिक्स पेमेंट है। कर्मचारी ने पूरी पेमेंट देने की बात कहकर बिल भरने की जिद की। पार्षद ने पुराना बिल भी दिखाया कि इसमें गलती है। ये देखो पुराना बिल वो पहले का टैक्स भरा हुआ है। दोबारा मामला ईओ के पास पहुंच गया। ईओ ने तुरंत समाधान कर दिया। उन्होंने पार्ट पेमेंट जमा करवाने के लिए कर्मचारी को निर्देश दे दिए।
यह है छूट
सरकार ने प्रॉपर्टी टैक्स को लेकर 28 फरवरी तक एरियर सहित एक मुश्त किस्त में प्रॉपर्टी टैक्स जमा करवाने वालों के लिए 25 प्रतिशत छूट का प्रावधान रखा है। इसके अलावा जो कैशलेस टैक्स जमा करवाएगा उन्हें एक प्रतिशत अतिरिक्त छूट भी दी जाएगी।
टैक्स ब्रांच में सुधार करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। जल्द ही टैक्स एकत्रित करने के लिए डेस्क भी लगाए जाएंगे। लोगों से अपील है कि वे इस छूट का अधिक से अधिक फायदा उठाएं।
- उग्रसेन परमार, सीनियर अकाउंट ऑफिसर नगर निगम