आवासीय इलाकों में घर के बाहर लगे जेनरेटर पड़ोसियों के लिए परेशानी का सबब बन गए हैं। धुआं और आवाज से परेशान लोगों की कहीं सुनवाई नहीं हो रही है। थक हारकर केस दर्ज कराने के लिए सेक्टर 14 के निवासी ने जनपरिवाद समिति में शिकायत दी है। अपने दोनों पड़ोसियों के जेनरेटर के धुएं से परेशान जगदीशचंद्र ने पड़ोसियों पर केस दर्ज कराने की मांग की है। जनस्वास्थ्य अभियंत्रिकी मंत्री बनवारी लाल की अध्यक्षता में 15 फरवरी को होने वाली जनपरिवाद समिति की बैठक के एजेंडा में 15 शिकायतों को रखा जाएगा। लघु सचिवालय के सभागार में सुबह 11 बजे बैठक शुरू होगी। सबसे पहली शिकायत सेक्टर 14 के निवासियों की है। करीब दो साल से यह शिकायत हर बार एजेंडे में शामिल की जा रही है, जिसमें सेक्टरवासियों की नाले को शिफ्ट करने की मांग है। पिछली बैठक में मंत्री बनवारीलाल ने इस बारे में विस्तृत जांच रिपोर्ट के आदेश दिए थे। शिकायत नंबर दो में आदमपुर के गांव मोहब्बतपुर में चकबंदी का मामला है।
इस मामले में एसडीएम की अध्यक्षता में बनी कमेटी अपनी रिपोर्ट देगी। एजेंडे में ठंडी सड़क निवासी राजेंद्र कुमार की शिकायत को तीसरे नंबर पर शामिल किया गया है, जिसमें राजेंद्र कुमार की ओर से सड़क की जमीन पर कब्जा करने की शिकायत दी हुई है। शिकायत नंबर चार में अर्बन इस्टेट निवासी गबन के मामले में निर्दोष को सरकारी महकमों की ओर से परेशान किया जा रहा है। पांचवीं शिकायत डबल फाटक सोनी अस्पताल के पास मोची की जमीन को आईजी के नाम पर तोड़फोड़ कर खाली कराने का मामला है।
नए मामलों में जगबीर, जगदयाल, जगनाथ, सुनीता ने कहा कि सोसायटी ने उनके पैसों का दुरुपयोग किया है। उनके पैसे अब लौटाए भी नहीं जा रहे। शिकायत नंबर सात में सेक्टर 14 पी के निवासी जगदीश चंद्र ने कहा कि उनका मकान नंबर 86 है। उनके पड़ोसी मकान नंबर 87 व 85 ने घर के बाहर जेनरेटर लगाए रखे हैं। मेरी पत्नी सांस की बीमारी से पीड़ित है। जेनरेटर चलाने से उसे सांस लेने में दिक्कत होती है। इन दोनों पड़ोसियों पर केस दर्ज किया जाए।
इसी तरह लालपुरा, खरड़ तथा अलीपुर की पंचायतों ने गांव की मुख्य सड़क की 12 फीट की चौड़ाई को बढ़ाकर 16 फीट करने की मांग रखी है। ऋषिनगर के लोगों की ओर से शराब ठेका बंद करने की मांग रखी गई है। लोगों का कहना है कि इस एरिया में स्कूल तथा कॉलेज के विद्यार्थियों का आना जाना रहता है। इस कारण यहां शराब बंद की जाए। गांव भोड़िया बिश्नोइयान निवासी ने पड़ोसी की ओर से खेत किनारे लगाए गए झाड़ीनुमा पौधों को कटवाने की मांग की है। इन पौधों के कारण नुकसान होता है। ढाणी ब्राह्मणान की पंचायत ने गांव में बेहतर बिजली आपूर्ति के लिए ट्रांसफार्मर लगाने की मांग की है।
अब कहां से लाऊं 48 हजार
अंतिम शिकायत में गांव गैबीपुर निवासी कालू ने कहा कि उसने गांव के दीपक से 2013 में 45 हजार रुपये उधार लिए थे। 2014 में ब्याज सहित लौटा दिए थे। दीपक अब उनसे 48 हजार रुपये मांग रहा है। पैसे न देने पर अंजाम बुरा होने की धमकी दे रहा है।
धक्के देकर बाहर निकाल दिया
बीड निवासी राजेंद्र ने कहा कि कुछ लोगों ने उसके साथ मारपीट की थी। जिससे उसके शरीर में नील के निशान पड़ गए। जब मेडिकल कराने हांसी अस्पताल में गए तो चिकित्सकों ने धक्के देकर बाहर निकाल दिया। आरोपी चिकित्सकों पर कार्यवाही की जाए।
आरटीआई वापस लो नहीं तो
गांव रावलवास निवासी भूप सिंह ने कहा कि उन्होंने पिछली प्लान के बचे हुए बजट के बारे में आरटीआई लगाकर सूचना मांगी थी। शिकायतकर्ता ने कहा कि एक सरपंच ने घर आकर धमकी देते हुए आरटीआई वापस नहीं लेगा तो जान से मार देने की धमकी दी।
पेयजल की समस्या का समाधान करो
गांव खेड़ा रांगडान की पंचायत ने गांव में पेयजल की व्यवस्था के लिए 3 लाख रुपये अदा करने में असमर्थ हैं। गांव में पेयजल उपलब्ध कराएं। विभाग को पेयजल की मांग के बारे में पहले भी लिखित में शिकायत दे चुके हैं।
घर या दुुकान के बाहर जेनरेटर रखना अवैध
घर या दुकान के बाहर जेनरेटर रखना अवैध है। नगर निगम इसको लेकर चालान काट सकता है। इसके अलावा पोल्यूशन डिपार्टमेंट भी इसके चालान कर सकता है। नगर निगम कुछ समय पहले तक जेनरेटर बाहर रखने वालों को नोटिस भी देता रहा है, लेकिन लोगों में अब खौफ नहीं रहा है।
इन एरिया में ज्यादा जेनरेटर
वैसे तो बाजारों में जेनरेटर रखे गए हैं। जो अतिक्रमण व पॉल्यूशन का कारण बने हुए हैं। राजगुरु मार्केट व इसके आसपास जितने भी बाजार हैं वहां जेनरेटर रखे हुए हैं। इसके अलावा पॉश इलाकों में सेक्टरों में भी जेनरेटर रखे गए हैं, जिसमें शहर के लगभग सभी सेक्टर शामिल हैं। इसके अलावा कुछ अच्छी कॉलोनियां भी हैं जहां लोगों ने अपने घरों के बाहर जेनरेटर रखे हैं।