हिसार। प्रदेश में शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत निजी स्कूलों द्वारा दर्ज की गई 25 फीसदी आरक्षित सीटों की सत्यापन प्रक्रिया शुरू हो गई है। शिक्षा निदेशालय ने सभी जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों (डीईईओ) को आदेश जारी कर अधीनस्थ कमेटियां गठित करने के निर्देश दिए हैं, जो एमआईएस पोर्टल पर अपलोड की गई सीटों और विद्यार्थियों की संख्या की जांच करेंगी।
जांच के दौरान कमेटियां यह सुनिश्चित करेंगी कि किस निजी स्कूल ने नियमों के अनुसार सटीक जानकारी दी है और किसने नहीं।
नर्सरी, एलकेजी, यूकेजी और पहली कक्षा की सीटों और दाखिल विद्यार्थियों का विवरण खास तौर पर जांचा जाएगा। यदि किसी स्कूल ने निर्धारित मानदंडों से कम सीटें दिखाई हैं, तो उसे ईमेल के माध्यम से नोटिस भेजकर आंकड़े सुधारने के निर्देश दिए जाएंगे।
प्रदेश में कुल 10,701 निजी स्कूल हैं, जिनमें से 7,292 स्कूलों ने पोर्टल पर जानकारी दर्ज की है। हालांकि, 3,409 स्कूलों ने अभी तक आरटीई के तहत आवश्यक जानकारी अपलोड नहीं की है। शिक्षा विभाग की यह पहल निजी स्कूलों में पारदर्शिता और आरटीई के प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। हालांकि हिसार जिला इस सूची में पिछड़ रहा है।
हिसार जिले में कुल 778 निजी स्कूल हैं, जिनमें 529 निजी स्कूलों ने आरटीई के तहत 25 फीसदी सीटें दिखाई हैं, जबकि 249 निजी स्कूल ऐसे हैं, जिन्होंने सीटों के बारे में कोई ब्योरा नहीं दिया है और न ही अपलोड किया है। सीटों की जानकारी देने की सूची में हिसार व पलवल 11वें स्थान पर हैं।