बता दें कि देश के कई राज्यों में कोरोना संक्रमण और जेएन 1 नए वेरिएंट के मामले सामने आ रहे हैं। इसे लेकर स्वास्थ्य विभाग की तरफ से प्रदेश भर के सीएमओ को लेटर भेज कर इससे निपटने के लिए पूरा प्रबंध करने के आदेश दिए गए थे।
डॉक्टर से लेकर स्टाफ नर्स नहीं लगा रहे मास्क
जिला नागरिक अस्पताल में न तो डॉक्टर और न ही नर्सिंग स्टाफ मास्क का इस्तेमाल कर रहे हैं। कोरोना संक्रमण के दौरान सेक्टर 1-4 में आरटी-पीसीआर लैब बनाई गई थी। वहां पर संभावित कोरोना मरीज के सैंपलों की जांच की होती थी। कोरोना संक्रमण के मामले नहीं आने के बाद अब यहां पर टीबी के मरीजों के सैंपलों की जांच हो रही हैं, जबकि शहर में लिए जाने वाले सैंपल अग्रोहा मेडिकल कॉलेज में भेजे जा रहे हैं।
कोरोना वैक्सीन भी नदारद
जिले में स्वास्थ्य विभाग के पास कोरोना की वैक्सीन भी नहीं है। इस साल के मध्य में वैक्सीन खत्म हो गई थी। उसके बाद वैक्सीन नहीं आई। बता दें कि कोरोना संक्रमण से लड़ने के लिए केंद्र सरकार की तरफ से तीन अलग-अलग वैक्सीन उपलब्ध करवाई गई थी, जिसमें को-वॉक्सीन, कोविशील्ड और उसके बाद में कोर्बेवैक्स वैक्सीन आई थी। कोर्बेवैक्स वैक्सीन बच्चों के लिए थी।
ऑक्सीजन की नहीं कोई कमी
नागरिक अस्पताल में एक ऑक्सीजन प्लांट पहले से चल रहा था। कोरोना की तीसरी लहर के बाद अस्पताल परिसर में दूसरा ऑक्सीजन प्लांट लगाया गया था। पिछले माह ही ऑक्सीजन प्लांट को शुरू किया गया है। दोनों ऑक्सीजन प्लांट शुरू होने से अब अस्पताल परिसर में ऑक्सीजन की कोई कमी नहीं है। नए प्लांट से 1 मिनट में 1000 लीटर ऑक्सीजन तैयार होती है। पहले वाले ऑक्सीजन प्लांट से 1 मिनट में 200 लीटर ऑक्सीजन तैयार होती है।
जून में आया था आखिरी केस : अधिकारियों के अनुसार इस साल जून माह में कोरोना संक्रमण का आखिरी केस आया था। उसके बाद कोरोना संक्रमण का कोई केस नहीं आया है।
इन बातों का रखें ध्यान
नए वेरिएंट से बचने के लिए भीड़भाड़ वाली जगह न जाएं
शादी-विवाह या अन्य पार्टियों में शामिल होने से बचें
लोगों से हाथ न मिलाएं
बाहर निकलते वक्त मास्क लगाएं
किसी व्यक्ति को कोविड के लक्षण से संक्रमित हो तो उसके संपर्क में आने से बचें
कोविड संक्रमित के संपर्क में आ जाए तो तुरंत चिकित्सक के पास जाएं।
कोरोना संक्रमण को लेकर एहतियात के तौर पर नागरिक अस्पताल में आइसोलेशन वार्ड बनाया है। अभी इस वार्ड में 10 बेड की सुविधा है। अगर कोई कोरोना संक्रमित मरीज आता है तो उसे आइसोलेशन वार्ड में भर्ती किया जाएगा। उनके परिवार के सदस्याें के भी सैंपल लिए जाएंगे। निजी अस्पताल संचालकों को भी निर्देश दिए गए है कि अगर कोई कोरोना संक्रमित मरीज आता है तो इसके बारे में तुरंत सूचना दें। सैंपल लेने वाली 2000 किट खरीदी थी जो अब 700 के आस-पास है। किट आने के बाद लैब में संभावित कोरोना सैंपलों की जांच शुरू की जाएगी।
- डॉ. सुभाष खतरेजा, डिप्टी सिविल सर्जन, हिसार