अग्रोहा। गांव किरमारा में बिजली के खंभे और तार लगाने को लेकर चल रहा विवाद मंगलवार को सुलझ गया। हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम लिमिटेड (एचवीपीएनएल) के अधिकारियों ने किसानों को जमीन और फसल का उचित मुआवजा देने का आश्वासन दिया जिसके बाद ग्रामीणों ने कार्य की अनुमति दे दी।
ग्रामीण दलबीर किरमारा और प्रदीप कुमार ने बताया कि पूर्व मंत्री प्रो. संपत सिंह के प्रयासों से किसानों और निगम अधिकारियों के बीच सहमति बनी। धरनास्थल पर पहुंचकर उन्होंने किसानों की बिना सहमति और मुआवजा दिए जमीन में खंभे लगाने के मुद्दे को अधिकारियों के समक्ष उठाया था। इसके बाद एचवीपीएनएल के प्रबंध निदेशक डॉ. आदित्य दहिया ने किसानों की कमेटी को पंचकूला बुलाकर वार्ता की।
सहमति बनने के बाद मंगलवार को निगम के कार्यकारी अभियंता, एसडीओ और अन्य अधिकारी गांव पहुंचे तथा मुआवजा देने का भरोसा दिया। इसके बाद किसानों ने अपनी जमीन में खंभे और तार लगाने की अनुमति दे दी।
ग्रामीणों ने बताया कि वर्ष 2009 में लगाए गए खंभों और तारों के लिए केवल फसल का मुआवजा दिया गया था जबकि जमीन का नहीं। इस मामले में वे कानूनी राय लेकर आगे की कार्रवाई करेंगे। इस दौरान सरपंच टेकराम, पूर्व सरपंच चंद्रभान, धर्मपाल लोहचब, जुगबीर सिंह, छाजूराम, सुखपाल आदि माैजूद रहे।