बास (हांसी)। साइबर ठगों ने विदेश में रहने वाले रिश्तेदार का झांसा देकर गांव बास आजमशाहपुर निवासी 75 वर्षीय बुजुर्ग से करीब 70.80 लाख रुपये की ठगी कर ली। आरोपियों ने खुद को पहले रिश्तेदार, फिर बैंक प्रबंधक तो कभी साइबर क्राइम अधिकारी बताकर बुजुर्ग को डराया और कई खातों में रुपये डलवाते रहे। मामले में साइबर अपराध थाना हांसी में केस दर्ज किया गया है।
गांव बास आजमशाहपुर निवासी महाबीर शर्मा ने बताया कि वह वरिष्ठ नागरिक हैं। 1 सितंबर 2025 को उनके व्हाट्सएप नंबर पर विदेशी नंबर से कॉल आई। कॉल करने वाले ने पहले रिश्तेदारी की जानकारी ली और फिर खुद को उनके साले का लड़का कमल बताकर बातचीत की।
आरोपी ने कहा कि वह विदेश में है। उसे अपने 80 लाख रुपये भारत में ट्रांसफर करने हैं। उसने बुजुर्ग से बैंक खाता नंबर मांगा और यह बात किसी को न बताने की हिदायत दी। कुछ दिन बाद आरोपी ने भरोसा बनाने के नाम पर एक लाख रुपये अपने खाते में डलवाने की बात कही। इसके बाद लगातार फोन और व्हाट्सएप कॉल के जरिए कई बहाने बनाकर रुपये मांगता रहा।
बुजुर्ग ने अक्तूबर 2025 से अप्रैल 2026 तक कई बार में रकम ट्रांसफर कर दी। पीड़ित ने बताया कि बाद में दूसरे नंबरों से कॉल आने लगी। एक व्यक्ति ने खुद को साइबर क्राइम अधिकारी बताते हुए कहा कि अगर रुपये नहीं दिए तो उनके बैंक खाते, दुकान और जमीन सील करवा दी जाएगी।
एक अन्य आरोपी ने बैंक प्रबंधक बनकर कहा कि उनके खाते में 1.36 करोड़ रुपये आने वाले हैं। इन धमकियों और लालच में आकर वह लगातार रुपये भेजते रहे। पीड़ित के अनुसार आरोपियों ने उनसे कई खातों में कुल 70.80 लाख रुपये ट्रांसफर करवा लिए।
जांच अधिकारी बर्लिन ने बताया कि ठगी का पता चलने पर वह रविवार को अपने बेटे जीत कुमार के साथ साइबर अपराध थाना हांसी पहुंचे और शिकायत दी। इससे पहले उन्होंने राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज करवाई थी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।