रामपाल के बारे में जानकारी जुटाने बैतूल आश्रम गई पुलिस टीम बिना खास जानकारी के ही लौट आई।
टीम को बैतूल स्थित रामपाल के आश्रम से कोई खास सुराग हाथ नहीं लगे हैं, जो सतलोक आश्रम की जांच को आगे बढ़ाने में सहायक हो। यहां से गई टीम के अधिकारियों और कर्मचारियों ने जांच के दौरान स्थानीय पुलिस का भी सहयोग लिया।
टीम के सदस्यों ने रामपाल और बरवाला के सतलोक आश्रम से संबंधित किसी भी जानकारी और शिकायत मिलने पर यहां की राज्य पुलिस को सूचना देने के लिए अधिकारियों से कहा है।
पुलिस टीम ने जिला प्रशासन से बैतूल स्थित आश्रम और जमीन के बारे में जानकारी मांगी है। टीम के सदस्यों ने जमीन और आश्रम से संबंधित दस्तावेजों के लिए भी प्रशासन से कहा था।
पुलिस को भी गुजरना पड़ा कानूनी प्रक्रिया से
हिसार से बैतूल गई पुलिस टीम को भी कानूनी प्रक्रिया से गुजरना पड़ा। सूत्रों की माने तो यहां की पुलिस टीम को भी वहां के प्रशासनिक अधिकारियों के सवालों के उत्तर देने पड़े।
वहां के पुलिस अधिकारियों की टीम से बैतूल आने का मुख्य उद्देश्य और आश्रम की जांच के बारे में पूछा। यहां से गई टीम को बैतूल आश्रम की जांच के लिए अदालत से सर्च वारंट भी लेना पड़ा।
हिसार प्रशासन जानकारी जुटा रहा है कि बैतूल आश्रम को वहां के अनुयायियों से मिलने वाली राशि को किस तरह और किन खातों के जरिए जमा कराया जाता था और निकलवाया जाता था।
पिस्तौल लेने वापस आया दंपति गिरफ्तार
पुलिस की टीम ने शुक्रवार को उत्तर प्रदेश निवासी रामपाल के अनुयायी श्याम सुंदर और उनकी पत्नी को गिरफ्तार कर लिया है।
श्याम सुंदर सतलोक प्रकरण के दौरान अपनी गुम पिस्तौल को बरवाला थाने में लेने पहुंचा तो पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। श्याम सुंदर ने पूछताछ में बताया कि उसकी पिस्तौल आश्रम में ही किसी व्यक्ति ने छीन ली थी।
इसके बाद जब पुलिस ने रामपाल को गिरफ्तार कर लिया और पुलिस अधिकारियों ने अनुयायियों को बाहर निकलने की अपील की तो वे अपनी पत्नी के साथ बस में बैठकर घर चले गए। श्याम सुंदर ने बताया कि वह अपनी पिस्तौल के बारे में पुलिस थाने में जानकारी लेने आया था।