शुरुआत में खेल मैदान की बात की गई तो न तो खेल विभाग और न ही शिक्षा विभाग ने खिलाड़ियों की मदद की, जब खिलाड़ियों ने अपने स्तर पर खेल मैदान तैयार कर लिया तो उनके जज्बे को देखते हुए दोनों विभाग आगे आए और खेल सामग्री मुहैया करवाई। सरकार की ओर से गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल को स्पोर्ट्स मॉडल स्कूल भी घोषित कर दिया गया। ऐसे में अब उम्मीद है कि इसमें खिलाड़ियों को और बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। इससे जहां एक ओर पदकों की संख्या बढ़ेगी, वहीं खिलाड़ियों के प्रदर्शन में भी सुधार होगा।
कोच और खिलाड़ियों की मेहनत ला रही रंग
लाडवा के हैंडबाल खिलाड़ियों का शुरू से ही बेहतरीन प्रदर्शन रहा है। आज कोच और खिलाड़ियों की मेहनत भी रंग ला रही है। यहां कोच अशोक पूनिया, महावीर पूनिया और संदीप पूनिया खिलाड़ियों को सुबह-शाम निशुल्क प्रशिक्षण दे रहे हैं। कोच का कहना है कि उनका लक्ष्य ज्यादा से ज्यादा इंटरनेशनल खिलाड़ी तैयार करना है। इसके लिए खिलाड़ियों के साथ वह खुद भी पसीना बहाते हैं। बेहतर प्रदर्शन के आधार पर लाडवा के खिलाड़ियों को कई बार सम्मानित भी किया जा चुका है।
आठ में से पांच खिलाड़ी जीत चुके इंटरनेशनल स्तर पर पदक
लाडवा के आठ खिलाड़ी इंटरनेशनल स्तर पर न केवल बेहतरीन प्रदर्शन कर चुके हैं, बल्कि पांच खिलाड़ी पदक भी जीत चुके हैं। इनमें संदीप पूनिया व अमित शर्मा ने स्वर्ण पदक, नवीन पूनिया व मोनिका पूनिया ने रजत पदक और रवि पूनिया ने कांस्य पदक जीता है। अजय श्योराण, खुशबू पूनिया और नवीन पंघाल इंटरनेशनल स्पर्धाओं में भाग ले चुके हैं।