बजट के अभाव में एचएयू प्रशासन खिलाड़ियों के लिए पिस्टल तक नहीं खरीद पाया है। इसी कारण उद्धाटन के एक साल बाद भी एचएयू के गिरी सेंटर में शूटिंग गेम शुरू नहीं हो पाया है। अब नया बजट मिलने के बाद ही शूटिंग खेल शुरू होने की उम्मीद है। पिछले एक साल से इंडोर शूटिंग रेंज हॉल पर ताला लटका हुआ है। हॉल में छत पर लगी फॉल सिलिंग जगह-जगह से टूटकर गिर चुकी हैं। एचएयू प्रशासन ने आज तक इसे संभाला तक नहीं है। एचएयू की ओर से साई के गिरी सेंटर में 10 मीटर की शूटिंग रेंज तैयार की गई थी।
एचएयू प्रशासन की मानें तो पिछले साल यूनिवर्सिटी में 65वीं ऑल इंडिया एग्री स्पोटर्स मीट करवाई गई थी। इस मीट में 3000 विद्यार्थियों के अलावा काफी ऑफिसियल पहुंचे थे। एक सप्ताह तक एचएयू में रुके रहे। इस पर 92 लाख से ज्यादा रुपये खर्च हुए। ऐसे में बजट के अभाव में अभी तक एचएयू में शूटिंग गेम तक शुरू नहीं हो पाया है। अब 2024 में ही बजट मिलने पर खिलाड़ियों के लिए पिस्टल खरीदी जाएगी। इस शूटिंग रेंज को तैयार करने में करीब 2 लाख रुपये खर्च हुए है, लेकिन बजट के अभाव में अभी तक शूटिंग रेंज हॉल पर ताला लटका हुआ है। बजट मिलने पर 8-10 पिस्टल खरीदी जाएंगी, शूटिंग हॉल की छत ठीक कराई जाएगी और हॉल में स्क्रीन लगेगी।
प्राइवेट एकेडमी के संचालक प्रैक्टिस करवाने के वसूल रहे 3000 से ज्यादा रुपये
हरियाणा में सरकारी शूटिंग रेंज तक नहीं है। ऐसे में आज खिलाड़ी प्राइवेट एकेडमी में शूटिंग का अभ्यास करने को मजबूर है। एक खिलाड़ी से प्राइवेट एकेडमी के संचालक 3000 से ज्यादा रुपये वसूल रहे हैं। कई खिलाड़ी तो आज बाहर रहकर शूटिंग का अभ्यास कर रहे हैं। वहीं, शूटिंग सबसे महंगा गेम है। एक पिस्टल की कीमत डेढ़ लाख से शुरू होती है। इस कारण रुपये में अभाव में कई खिलाड़ी गेम तक छोड़ देते हैं।
पिछले साल एचएयू में ऑल इंडिया एग्री स्पोटर्स मीट करवाई गई थी। इसमें काफी पैसा लगा था। इस कारण बजट के अभाव में शूटिंग गेम शुरू नहीं हो पाया है। अब नया बजट मिलने के बाद शूटिंग हॉल की छत रिपेयर करवाई जाएगी। पिस्टल खरीदी जाएगी और स्क्रीन लगाई जाएगी।
- डॉ. बलजीत गिरधर, एसोसिएट डीएसडब्ल्यू (स्पोर्ट्स)
उधर, लॉन टेनिस खिलाड़ियों के लिए चेंजिंग रूम बनवाने के लिए भेजा प्रपोजल
कुछ माह पहले ही एचएयू की ओर से गिरी सेंटर में लॉन टेनिस ग्राउंड बनवाया गया है। लॉन टेनिस खिलाड़ियों के लिए चेंजिंग रूम बनवाने और खिलाड़ियों के बैठने की व्यवस्था करने को लेकर एचएयू की ओर से इंडियन कॉन्सिल ऑफ एग्रीकल्चर रिसर्च में प्रपोजल भेजा गया है, ताकि खिलाड़ियों की सुविधा बढ़ सके।