जीजेयू में कथित धांधली के बाद रद्द की गई एनवायरमेंटल साइंस और कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग विभागों की पीएचडी प्रवेश परीक्षा अब 17 फरवरी को होगी। वहीं दोनों विभागों की पीएचडी परीक्षा के टॉपर व एग्जामिनर से जवाब मांगा गया है। अन्य तीन विभागों की जांच रिपोर्ट भी जल्द ही सौंपी जाएगी।
गौरतलब है कि गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय में 10 जनवरी को हुई पीएचडी की परीक्षा में कंप्यूटर साइंस में रिजल्ट ब्रांच के अधीक्षक ने टॉप किया था। उन्होंने प्रवेश परीक्षा में 100 में से 82 अंक प्राप्त किए थे। अधीक्षक के पास कांफिडेंशियल पर्सनल इंफॉर्मेशन का जिम्मा भी था। वहीं एनवायरमेंट साइंस विभाग के टॉपर ने 100 में से 99 अंक हासिल कर सबको हैरत में डाल दिया था। इसके बाद कुलपति ने दोनों विभागों की जांच के लिए कमेटी बनाई, जिसकी स्टेटिकल जांच में गड़बड़ी मिलने के बाद दोनों विभागों की परीक्षाएं रद्द कर दी गईं थीं।
सीसीटीवी की निगरानी में होगी परीक्षा
दोनों विभागों की पीएचडी प्रवेश परीक्षा इस बार सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में होगी। पूरी परीक्षा के लिए एक स्पेशल ऑब्जर्वर नियुक्त किया जाएगा।
यह था मामला
जीजेयूू में 10 जनवरी को हुई पीएचडी प्रवेश परीक्षा में अधिकारियों एवं उनके करीबियों के टॉप करने के बाद धांधली की आशंका के चलते बवाल खड़ा हो गया था। एनवायरमेंट विभाग के एक परीक्षार्थी ने 99 अंक प्राप्त किए थे। वहीं कंप्यूटर साइंस विभाग में विश्वविद्यालय की रिजल्ट ब्रांच के अधीक्षक ने टॉप किया था। प्राथमिक जांच के बाद विवि ने इन दोनों विभागों की प्रवेश परीक्षा रद्द कर रिजल्ट ब्रांच के अधीक्षक को हटा दिया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए कुलपति ने उच्चस्तरीय जांच कमेटी बनाई थी, जिसने कुलपति को रिपोर्ट सौंप दी थी। सोमवार को परीक्षा की तिथि घोषित की गई।
हमने परीक्षा के लिए तिथि निर्धारित कर दी है। हम 17 फरवरी को दोनों विभागों की परीक्षाएं करवाएंगे। यह परीक्षा सीसीटीवी कैमरे की नजर में पुख्ता प्रबंधों के साथ होगी।
- प्रो. टंकेश्वर कुमार, कुलपति, जीजेयू हिसार