गुरु जंभेश्वर यूनिवर्सिटी इस बार पीएचडी के दाखिले पूरी तरह ऑनलाइन करेगी। यूनिवर्सिटी ने प्रोस्पेक्टस भी प्रिंट करवाने की बजाय उसे भी वेबसाइट पर डाल दिया है।
यूनिवर्सिटी में ऐसा पहली बार होगा जब पीचएडी की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन कर दी गई है। इसके लिए आवेदकों को जीजेयूएसटीडॉटएसीडॉटइन वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन फार्म भरना होगा।
पीएनबी में चालान की राशि जमा करवानी होगी। जीजेयू के 18 विभागों में पीएचडी की 90 सीटों के लिए 4 जनवरी को एग्जाम होगा। जिसके लिए दाखिला प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
वेबसाइट से ही मिलेंगे एडमिट कार्ड
योग्य उम्मीदवारों को ऑनलाइन आवेदन करने के बाद 29 दिसंबर तक चालान की राशि जमा करवानी होगी। इसके बाद 1 जनवरी तक ऑनलाइन फार्म जमा होंगे।
4 जनवरी को एग्जाम होगा जबकि 8 जनवरी से रजिस्ट्रेशन स्टार्ट कर दिए जाएंगे। खास बात यह है कि चालान भरने के बाद ही पूरा फार्म सब्मिट होगा और उसके बाद ही एडमिट कार्ड मिलेंगे।
जीजेयू के कुलपति प्रोफेसर टंकेश्वर कुमार ने प्रेस कांफ्रेंस में इसकी जानकारी देते हुए बताया कि इस बार सारी प्रक्रिया ऑनलाइन रहेगी। प्रोस्पेक्टस न छपवाकर यूनिवर्सिटी ने करीब पचास हजार कागज छपने से बचा लिए हैं।
जो पर्यावरण प्रदूषण रोकने तथा डिजिटल इंडिया की दिशा में सार्थक कदम है।
कंप्यूटर सेंटर की टीम ने बनाया प्रोसेस
पीएचडी के दाखिला की ऑनलाइन प्रोसेस के लिए यूनिवर्सिटी के कंप्यूटर सेंटर में ही सॉफ्टवेयर तैयार किया गया है।
कम्प्यूटर सेंटर के हेड मुकेश कुमार के नेतृत्व में दर्पण सलूजा, रामविकास व भारत भूषण के अतिरिक्त रजिस्ट्रेशन शाखा के राजबीर मलिक, देवेंद्र सिंह व महेंद्र सिंह ने भी सहयोग किया।
कुलपति ने कहा कि ऑनलाइन प्रोसेस और प्रिंटिंग में बराबर समय लगना था। इसलिए ऑनलाइन प्रोसेस को प्राथमिकता दी गई है।
और भी कई प्रोजेक्ट पर हो रहा काम
कुलपति टंकेश्वर कुमार ने बताया कि यूनिवर्सिटी में और भी कई प्रोजेक्टस पर काम चल रहा है। इसमें ग्लोबल इनिसिएटिव टू एकेडमिक नेटवर्क (ज्ञान) प्रोजेक्ट पर विशेष प्रयास चल रहे हैं।
साथ ही एकेडमिक लीडर व परस्यूइंग स्कूल प्रोग्राम पर काम होगा। ज्ञान प्रोजेक्ट के तहत इंटरनेशनल फैकल्टी को यूनिवर्सिटी में बुलाकर कोर्सेज चलवाए जाएंगे।
वित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्यु द्वारा राहगीरी के सुझाव पर उन्होंने कहा कि अभी एग्जाम का समय था। इसलिए जनवरी या फरवरी में राहगीरी पर काम करेंगे। इस दौरान कुलसचिव एमएस तुरान व अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।