करीब दस दिन पहले पाली गांव के जिस घर के दो चिराग बुझ गए थे, उनके गम में डूबे इस परिवार को हौसला, उम्मीद और रोशनी की एक किरण का खुशनुमा अहसास कराने की दिशा में ग्रामीणों की छोटी सी पहल इस गांव के लिए ही नहीं आसपास के क्षेत्र में मिसाल बन गई।
इस घर की बहू सुमन को लोगों ने सर्वसम्मति से सरंपच चुन लिया। इतना ही नहीं जब सरपंच के नाम पर सहमति बनी तो ग्रामीणों ने एक कदम और बढ़ाकर पूरी पंचायत ही आम सहमति से चुन ली। सरंपच सुमन दसवीं पास है तो पंचों में एक एमए पास भी हैं।
दस दिन पहले सुमन के पति संदीप व देवर प्रवीन की सड़क हादसे में मौत हो गई थी। सुमन ने सरपंच पद के लिए अपना नामांकन पहले ही भरा हुआ था। उसके सामने चार और उम्मीदवार थे। इसी बीच हादस में उसके पति और देवर की मौत हो गई।
हादसे के बाद टूट चुके इस परिवार में खुशियां लाने के लिए ग्रामीणों ने एक पहल करते हुए सर्वसम्मति से गांव की चौधर सुमन के हाथ में सौंप दी। अन्य चार प्रत्याशियों ने अपने नामांकन वापस ले लिए। इतना ही नहीं जब सरपंच के नाम पर सहमति बनी तो वार्डों के पंच भी सर्वसम्मति से चुन लिए गए।
यह होंगे पंचायत में
वार्ड एक से मंदीप कुमार, दो से मनोज, तीन से संदीप, चार से सोनू रानी, पांच से अंजली, छह से बाला देवी, आठ से सुशील कुमार, नौ से किरण, दस से रणधीर और ग्यारह से सुखबीर को पंच चुना गया है।
वार्ड सात में कोई भी उम्मीदवार न होने के कारण खाली रह गया। पढ़ी लिखी पंचायत में सबसे ज्यादा वार्ड चार से पंच सोनू रानी हैं, जोकि एमए पास हैं।
ब्याज समेत चुकता करूंगी मान सम्मान : सुमन
सरपंच सुमन देवी ने बताया कि हादसे के बाद उसकी जिंदगी में अंधेरा छा गया था। ग्रामीणों ने जो उनको मान सम्मान दिया है वो उसको ब्याज समेत चुकता करेंगी। सभी ग्रामीणों को साथ लेकर गांव को विकास की तरफ ले जाया जाएगा।