नियमित वेतनमान जैसी मांगों पर अभी तक कोई विचार न किए जाने के विरोध स्वरूप प्राथमिक कृषि सरकारी समितियां (पैक्स) के कर्मचारियों ने सोमवार से अपनी कलम छोड़ हड़ताल शुरू कर दी।
इस आंदोलन के तहत सभी पैक्स कर्मचारी अपने-अपने पैक्स कार्यालय पर एकत्र हुए और धरना देते हुए सरकार और विभागीय अधिकारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कर्मचारियों की इस हड़ताल के चलते सभी पैक्स कार्यालय पर कामकाज पूरी तरह से ठप रहा।
विदित है कि पैक्स किसानों को खाद, दवाई, बीज और लोन संबंधी सेवाएं मुहैया करवाती है। लेकिन अभी तक पैक्स के कर्मचारियों को नियमित वेतनमान नहीं दिया जा रहा। मॉडल टाउन स्थित पैक्स कार्यालय पर कर्मचारियों को संबोधित करते हुए जिला उपप्रधान महीपाल शर्मा ने कहा कि इससे पहले भी दस मई से कर्मचारियों ने नियमित वेतनमान, पदोन्नति व सर्विस रूल लागू करने की मांग को लेकर प्रदेश भर में अनिश्चितकालीन कलम छोड़ हड़ताल की थी। जिसके बाद छह जून को सरकार की तरफ से हरको बैंक के मैनेजिंग डायरेक्टर की अध्यक्षता में दस सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया था।
जिसको चार महीने में अपनी रिपोर्ट पेश करने के आदेश दिए गए थे। इस मामले में तीन अक्टूबर को विभिन्न जिलों के बैक व पैक्स प्रतिनिधि भी बुलाए गए थे। इस बैठक में सभी बैंकों और पैक्स के प्रतिनिधियों व सदस्यों द्वारा यह निर्णय लिया गया था कि कर्मचारियों को वेतनमान दे दिया जाए। लेकिन हरको बैंक के एमडी व सरकार के नकारात्मक रवैये के कारण कर्मचारी महासंघ को दिए गए चार महीने से भी अधिक समय गुजर जाने के बाद भी इस दिशा में कोई कार्रवाई नहीं हुई।
इसलिए प्राथमिक कृषि सहकारी समितियां कर्मचारी महासंघ संबंधित सर्व कर्मचारी संघ के आह्वान पर कर्मचारियों ने दो दिसंबर से अनिश्चितकालीन कलम छोड़ हड़ताल पर जाने का निर्णय लिया था। इसी कड़ी में जिले के सभी पैक्स कार्यालयों पर धरना देते हुए अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की गई है। उन्होंने कहा कि जब उनकी मांगें पूरी नहीं हो जाती, यह आंदोलन जारी रहेगा। इस मौके पर रमेश कुमार, श्रीचंद, राजेश कुमार, अशोक, राजेंद्र और सुरेश कुमार उपस्थित थे।