हिसार। प्रॉपर्टी टैक्स रिकॉर्ड में मालिक का नाम अपडेट न करने और रिश्वत मांगने पर मुख्यालय ने नगर निगम के 6 कर्मचारियों को चार्जशीट करने के आदेश दिए हैं। शिकायतकर्ता ने इन कर्मचारियों पर उसे प्रताड़ित करने का भी आरोप लगाया है। शहरी स्थानीय निकाय विभाग के मुख्य सतर्कता अधिकारी ने मामले की जांच की है, जिसमें इन कर्मचारियों को दोषी पाया गया है। मुख्यालय ने इन कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई कर रिपोर्ट भेजने के आदेश दिए हैं। मुख्य सतर्कता अधिकारी की तरफ से निगम को लिखे गए पत्र में इन कर्मचारियों को चार्जशीट व सेक्शन 8 की कार्रवाई करने की अनुशंसा की गई है।
जांच रिपोर्ट के अनुसार शिकायतकर्ता प्रशांत जैन से 9 सितंबर को एक शिकायत मिली थी। इस शिकायत में प्रशांत ने निगम कर्मचारी संदीप कुमार, सुनील लांबा व लक्ष्मण पर मौखिक तौर से उससे 5 हजार रुपये की रिश्चत मांगने का आरोप लगाया था। साथ ही शिकायतकर्ता ने इन पर शारीरिक, मानसिक व आर्थिक रूप से प्रताड़ित करने का भी आरोप लगाया था। 9 अक्तूबर को शिकायतकर्ता निजी सुनवाई में पहुंचा और उसने मामले से संबंधित दस्तावेज जमा करवाए, जिन्हें रिकॉर्ड में लिया गया था। इस दौरान नगर निगम को मुख्यालय की तरफ से जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार लाल डोरा एरिया में स्थापित प्रॉपर्टी में मालिक का नाम नगर निगम के पुराने रिकॉर्ड के मुताबिक बदलने को कहा गया। 5 नवंबर को निगम का पत्र मिला, जिसमें कहा गया कि प्रॉपर्टी के मालिक का नाम बदल दिया गया है।
फाइल कई दफा की रद्द
जांच रिपोर्ट के अनुसार नगर निगम कर्मचारियों ने बिना पॉलिसी को जाने नाम, मोबाइल नंबर व पता बदलने के आवेदन को बार-बार रद्द किया। इस दौरान कर्मचारी बेवजह की आपत्तियां लगाकर शिकायतकर्ता को प्रताड़ित करते रहे ताकि वह शिकायत को वापस ले ले। निगम कर्मचारी होने के बावजूद शिकायतकर्ता से रिश्वत की मांग की गई। उसने रिश्वत देने से मना किया तो बेवजह देरी की गई व आवेदन को रद्द किया गया।
यह है मामला
जांच रिपोर्ट की मानें तो हाउस टैक्स शाखा के रिकॉर्ड में निर्मल कुमार व रत्न कुमार पुत्र अजीत प्रसाद को मालिक के रूप में दिखाया गया था। मगर याशी कंपनी के सर्वे के बाद मालिक के नाम की जगह को खाली दिखा दिया गया, जबकि पुरानी प्राॅपर्टी आईडी के कॉलम में मालिक का नाम निर्मल कुमार व रत्न कुमार पुत्र अजीत प्रसाद दिखा रहा है। फिर भी निगम मालिक के नाम को अपडेट नहीं कर रहा है, जबकि यह साफ दिशा-निर्देश है कि अगर लाल डोरे की प्रॉपर्टी के रिकॉर्ड में मालिक का नाम नहीं है तो पुराने टैक्स रिकॉर्ड के आधार पर एडमिन आईडी का इस्तेमाल करते हुए ठीक किया जा सकता है।
इन कर्मचारियों को पाया दोषी
- अनिल कुमार महता, सलाहकार, टैक्स शाखा
- रजनीश, क्लर्क
- विजय कुमार, क्लर्क
- विक्रम, डीईओ
- दिनेश रोहिला, डीईओ
- लक्ष्मण, डीईओ
अभी हमें मुख्यालय की तरफ से जारी किए गए आदेश की कॉपी नहीं मिली है। कॉपी मिलते ही मुख्यालय के आदेशानुसार कार्रवाई की जाएगी।-
नीरज, निगमायुक्त
आदमपुर में सीवरेज लाइन में घटिया सामग्री के इस्तेमाल में दो जेई व एसडीओ चार्जशीट किए
हिसार। जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग ने आदमपुर के जूनियर इंजीनियर सुरेश, विकास गोरिया और एसडीओ अंकुश मक्कड़ को चार्जशीट किया है। तीनों का तबादला भी किया गया है। आदमपुर एसडीओ का चार्ज किसी दूसरे अधिकारी को सौंपा गया है।
आदमपुर के लोगों ने जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की ओर से कस्बे में करीब 35 करोड़ रुपये की लागत से डाली जा रही सीवरेज लाइन में घटिया निर्माण सामग्री का उपयोग करने की शिकायत दी थी। उसके बाद एंटी करप्शन ब्यूरो की पंचकूला की एक टीम 13 दिसंबर को जांच करने के लिए आदमपुर पहुंची थी। अधीक्षक अभियंता दीपक गोयल, इंस्पेक्टर अजीत सहित अन्य लोगों की टीम पहुंची थी। टीम ने पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन संजीव त्यागी, कंचन वर्मा, एसडीओ अंकुश मक्कड,जेई सुरेश, विकास गौरिया सहित अन्य लोगों के पक्ष लिए थे। मौके से सैंपल भी भरे गए थे। तीन जगह पर सैंपल लिए गए, तीनों जगह सीवरेज लाइन के नीचे पीपीसी नहीं मिली। सीवरेज की गहराई भी तय मापदंडों के अनुसार नहीं मिली। निर्माण सामग्री भी निम्न दर्जे की पाई गई थी।
जांच टीम की रिपोर्ट के बाद बुधवार को मुख्यालय ने दोनों जेई तथा एसडीओ को चार्जशीट करने के आदेश जारी कर दिए हैं। जनस्वास्थ्य विभाग के अधीक्षक अभियंता आरके शर्मा ने बताया कि जेई, एसडीओ को चार्जशीट करने के आदेश आए हैं।