नगर निगम में प्रॉपर्टी टैक्स की तीन फर्जी रसीदों के मामले ने खलबली मचा रखी है। तीनों ही फर्जी रसीदों का मामला मेयर कार्यालय से जुड़ा होने के कारण गहनता से जांच हो रही है। बुधवार को ई-दिशा केंद्र का एक कंप्यूटर सील कर दिया गया जबकि तीन ऑपरेटरों की ब्रांच बदल दी गई। इन तीनों कर्मचारियों में एक मेयर का जबकि दो ऑपरेटर ई-दिशा केंद्र के शामिल हैं। इससे पहले कमिश्नर डॉ. जेके आभीर ने भी अपने कार्यालय के स्टाफ को बिल की प्रति देकर प्रॉपर्टी मालिक का अकाउंट चेक करवाया।
गौरतलब है कि नगर निगम में दो प्रॉपर्टी मालिकों के प्रॉपर्टी टैक्स की फर्जी रसीद मिली थी। एक रसीद 20 हजार 590 रुपये जबकि दूसरी 9900 रुपये की थी। वहीं, तीसरा मामला भी सामने आया, जिसमें बिल भरने के लिए खुद मेयर गौतम सरदाना के पिता ने ही दिया था।
खुद के कार्यालय का नाम जुड़ा देखकर मेयर ने पार्षदों के साथ की बैठक
वहीं, इस मामले में खुद के कार्यालय के ऑपरेटर का नाम भी सामने आने के बाद मेयर गौतम सरदाना ने दोपहर बाद पार्षदों के साथ बैठक की। बैठक में मेयर ने पार्षदों के सामने यह मामला रखकर उनके सुझाव मांगे। बैठक में पार्षद भूपसिंह रोहिल्ला, अनिल जैन, उमेद खन्ना, जयप्रकाश, प्रीतम सैनी, पार्षद प्रतिनिधि उदयवीर सिंह मिंटू सहित कई पार्षद शामिल हुए। पार्षदों के सामने मेयर ने दावा किया कि इस मामले में चाहे कोई भी संलिप्त हो, एफआईआर दर्ज होनी चाहिए। अगर उनके कार्यालय का भी कोई कर्मचारी दोषी है, तो उस पर भी सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। इस बैठक के बाद डीएमसी प्रदीप हुड्डा और पार्षद भूपसिंह रोहिल्ला ने ई-दिशा केंद्र में जाकर काउंटर नंबर एक के ऑपरेटर का कंप्यूटर सील कर दिया।
इन ऑपरेटरों को बदला
बुधवार को इस मामले में प्रारंभिक कार्रवाई करते हुए मेयर कार्यालय के ऑपरेटर जोगेंद्र, ई दिशा केंद्र के ऑपरेटर लोकेश व अजय को बदल दिया गया है। इन तीनों को दूसरे ब्रांच में शिफ्ट कर दिया गया है। वीरवार से तीनों अब नई ब्रांच में ही ड्यूटी देंगे। इससे पहले ई-दिशा केंद्र के दोनों ऑपरेटरों के ज्वाइंट कमिश्नर द्वारा भी बयान दर्ज किए गए थे।
और भी मामले सामने आने की आशंका, चेकिंग के लिए होगी व्यवस्था
तीन केस के बाद और भी इस तरह के मामले सामने आने की आशंका जताई जा रही है। अभी तक 40 हजार से अधिक शहरवासियों ने अपना प्रॉपर्टी टैक्स जमा करवा दिया है। इनमें बड़ी संख्या ऐसे प्रॉपर्टी मालिकों की भी है, जिन्होंने मेयर कार्यालय के स्टाफ के जरिये ही अपना टैक्स भरवाया है। इसलिए कमिश्नर डॉ. जेके आभीर ने पूछताछ काउंटर पर ही एक कंप्यूटर और ऑपरेटर बिठाने के निर्देश दिए हैं ताकि कोई भी शहरवासी आकर अपना प्रॉपर्टी अकाउंट का स्टेट्स चेक करवा सकें।
ई-दिशा केंद्र का एक कंप्यूटर सील कर दिया गया है। तीन ऑपरेटरों की ब्रांच बदल दी गई है। मैंने अधिकारियों से कह दिया है, अपने स्तर पर या तो सख्ती से जांच कर ले, नहीं तो मैं मंत्री अनिल विज को शिकायत भेजूंगा।
गौतम सरदाना, मेयर, नगर निगम
मामला गंभीर है, इसकी जांच हो रही है। और भी मामले सामने आने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता है। इसलिए पूछताछ काउंटर पर ही एक कंप्यूटर रखवाएंगे ताकि कोई भी शहरवासी अपने प्रॉपर्टी अकाउंट का स्टेट्स जान सके।
डॉ. जेके आभीर, कमिश्नर, नगर निगम।