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मी टू का मुद्दा जल्द ही पड़ गया ठंडा, इसे और बढ़ना चाहिए था आगे

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The Me Too issue soon cooled down, it should have gone further - फोटो : Hisar
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मीटू मुद्दा जल्द ही ठंडा पड़ गया। इस मुद्दे और आगे बढ़ाना चाहिए था। इससे बॉलीवुड इंडस्ट्री के कुछ लोगों की करतूत सामने आ रही थी। हालांकि इस मुद्दे की आड़ में थोड़ा बहुत झूठ भी परोसा गया। अभिनय रंगमंच के बैनर तले शहर में होने वाले थियेटर फेस्टिवल को लेकर बॉलीवुड एक्टर पीयूष मिश्रा शहर पहुंचे। इस दौरान वह मीडिया से भी रूबरू हुए।
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इस दौरान पीयूष मिश्रा ने अपने बारे में बताया कि मैं मूल रूप से ग्वालियर से हूं। पहले मैं खुद कंफ्यूज था। मैं अलग-अलग पांच चीजें कर रहा था। मगर इसी दौरान मैंने नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा ज्वाइन किया। यहां मैंने हेमलेट नाटक में काम किया। तब मुझे पता चला कि मुझे एक्टिंग ही करनी है और मैं इसी के लिए बना हूं। इसी से मुझे प्रेरणा मिलती है। थियेटर को लेकर उन्होंने कहा कि आज भी लोगों में थियेटर को लेकर काफी रुचि है। मैं पिछले छह महीने से थियेटर ही कर रहा हूं।
बॉलीवुड में काम करने के लिए हिंदी पर पकड़ जरूरी
पीयूष मिश्रा ने कहा कि फिल्में हिंदी में बनती हैं तो किसी कलाकार को अगर बॉलीवुड में काम करना है तो उसकी हिंदी भाषा पर पकड़ होनी जरूरी है। उन्होंने अमिताभ बच्चन का उदाहरण देते हुए कहा कि बच्चन साहब की हिंदी कितनी अच्छी है। यही एक वजह है कि उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश व बिहार के काफी लोग इस इंडस्ट्रीज में हैं, क्योंकि उनकी हिंदी भाषा पर पकड़ है।
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राइटर को नहीं मिलती पहचान
उन्होंने कहा कि सिंगर के मुकाबले राइटर को पहचान कम मिलती है, क्योंकि उसके पास दिखाने को कुछ नहीं होता। सिंगर तो अपने गाने लेकर जगह-जगह जा सकता है। हालांकि राइटर जावेद अख्तर व सलीम खान ने बतौर राइटर काफी नाम कमाया, क्योंकि उन्होंने अपना नाम क्लेम किया, जो कि अक्सर राइटर नहीं करते हैं। वेब सीरिज पर पीयूष ने कहा कि इसके जरिए अच्छा कंटेंट आ रहा है। हालांकि थोड़ा बहुत फूहड़पन भी परोसा जा रहा है। कलाकारों को एक अच्छा मंच भी इससे प्राप्त हो रहा है।
दादा लख्मीचंद जैसी फिल्म आज तक नहीं बनी होगी
वहीं एक्टर यशपाल शर्मा ने कहा कि जल्द ही लख्मीचंद पर उनकी फिल्म आ रही है। इस फिल्म का पार्ट वन बन चुका है। आज तक हरियाणवी फिल्म इतिहास में ऐसी फिल्म नहीं बनी होगी। यशपाल ने कहा कि हरियाणवी फिल्म के इतिहास में आज तक सिर्फ गिनी-चुनी दो से तीन फिल्में ही अच्छी बनी है। इस कारण स्टार कास्टिंग का सही ढंग से न होना, भाई-भतीजावाद का होना व भांडगिरी का होना है। हरियाणा फिल्म पॉलिसी पर उन्होंने कहा कि इस मार्च में सीएम मुंबई में इसकी घोषणा करेंगे।
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