मैच शुरू होने से पहले परिजनों ने पूजा कर जीत की कामना की। टीम की जीत के बाद फोन पर बधाई देने का सिलसिला शुरू हो गया। भारत की ओर से एक गोल होने के साथ ही संजय के परिवार के सदस्यों ने तालियां बजाईं। पिता ने मैच देखते हुए बार-बार चक दे इंडिया कहा।
कोच राजेंद्र सिहाग ने बताया कि संजय ने मैच में तीसरे व चौथे क्वार्टर में ब्रिटेन को एक भी गोल नहीं करने दिया। संजय व अन्य खिलाड़ियों की बदौलत टीम ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए गोल रोके तो पहले क्वार्टर में विपक्षी टीम एक भी गोल नहीं कर पाई।
काफी समय तक 10 खिलाड़ियों के साथ खेली टीम
कोच राजेंद्र सिहाग ने बताया कि दूसरे क्वार्टर में भारत के खिलाड़ी अमित रोहिदास को रेड कार्ड दे दिया गया। इस पर टीम में 10 खिलाड़ी ही खेले। बड़ी बात है कि उसके बाद भी टीम ने जीत हासिल की है। अमित को रेड कार्ड मिलते ही भारतीय टीम ने 13वें मिनट में हरमनप्रीत ने पेनाल्टी कार्नर से गोल कर दिया। मैच के तीसरे क्वार्टर में ब्रिटेन ने 41वें मिनट में गोल कर मैच बराबरी पर ला दिया। बाद में पेनल्टी शूटआउट से टीम को जीत मिली।
मुझे बेटे पर गर्व है। खुशी की बात है कि आज टीम सेमीफाइनल में पहुंच गई है। बेटे ने ग्रामीणों से गोल्ड मेडल जीतने का वादा किया है। संजय अपनी उम्मीदों पर खरा उतरेगा। परिवार व गांव में खुशी का माहौल है। - कौशल्या देवी